मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में पुलिस ने एक ड्रग रैकेट का भांडाफोड़ किया है। आरोपी यहां एमडी ड्रग बनाकर मुंबई तक तस्करी किया करते थे।
मध्य प्रदेश के रीवा जोन में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में पुलिस ने कथित MD ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में करोड़ों रुपये की संदिग्ध MD ड्रग्स, केमिकल, एसिड, ड्रग्स बनाने के उपकरण और एक लग्जरी फोर-व्हीलर वाहन जब्त किया गया है। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन में, मऊगंज एसपी एस.के. जैन और एसडीओपी सची पाठक के नेतृत्व में की गई। पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई।
रीवा के रास्ते मुंबई होती थी सप्लाई
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि यहां तैयार होने वाली MD ड्रग्स की सप्लाई रीवा के रास्ते मुंबई तक की जाती थी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इस कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। प्रदेश पुलिस प्रमुख ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए आईजी गौरव राजपूत, एसपी मऊगंज और पूरी टीम की प्रशंसा की है। आईजी ने भी कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किए जाने की बात कही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। मुंबई तक सप्लाई, बरामद माल की कीमत और अन्य नेटवर्क से जुड़े दावे अभी प्रारंभिक पुलिस जानकारी पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
नीमच में भी पुलिस ने भी किया ड्रग रैकेट का भांडाफोड़
मध्य प्रदेश की आगर मालवा पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन को कभी अपनी बड़ी कामयाबी बताया था। झालावाड़ जिले के डग पुलिस स्टेशन इलाके में आने वाले घटाखेड़ी गांव में जनवरी 2026 में हुई रेड पर कोर्ट के गंभीर सवाल उठाने के बाद, राजस्थान में लगभग 100 ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें मध्य प्रदेश के दो स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) भी शामिल हैं। चौमहला कोर्ट के 13 जून को जारी आदेश के बाद सोमवार को डग पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया। जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें आगर कोतवाली के SHO शशि उपाध्याय, बड़ोद के SHO रूप सिंह, SI राखी गुर्जर, ASI अजय जाट, राहुल विश्वकर्मा, कॉन्स्टेबल शुभम और कई अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जाँच के दौरान अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।




