जौनपुर। जिले के थाना पवारा क्षेत्र के ग्राम कुहरिया में पैतृक जमीन को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद अब एक बड़े कानूनी संघर्ष में तब्दील हो गया है। एक ही परिवार के बीच चल रहे इस विवाद में पहले मारपीट हुई, फिर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ, युवक को जेल जाना पड़ा और अब जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है। दूसरी ओर, युवक की मां ने भी बहू और उसके मायके पक्ष पर घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों के आरोपों ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
26 वर्षीय महेश लाल सरोज पुत्र रामराज सरोज का आरोप है कि 5 मार्च 2026 की शाम करीब पांच बजे पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर उनके बड़े भाई नागेंद्र और भाभी राजलक्ष्मी से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें उनके पिता रामराज सरोज को भी चोटें आईं। महेश का कहना है कि घटना के दौरान उनकी भाभी लगातार अपशब्द कह रही थीं। इसी दौरान गुस्से में उनका हाथ भाभी को लग गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई। घटना के बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, जहां समझौते के आधार पर उन्हें छोड़ दिया गया।
महेश का आरोप है कि समझौते के कुछ समय बाद उनकी भाभी राजलक्ष्मी ने उनके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। उनका कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जहां उन्हें करीब दो महीने तक रहना पड़ा। बाद में न्यायालय से जमानत मिलने पर वह बाहर आए। महेश का दावा है कि पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा है और उन्हें साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाकर बदनाम किया गया।
वहीं, राजलक्ष्मी का पक्ष इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके देवर महेश लाल सरोज ने उनके साथ दुष्कर्म किया। उनका कहना है कि घटना उनके ससुर की मौजूदगी में हुई थी। राजलक्ष्मी का दावा है कि मेडिकल परीक्षण में भी उनके आरोपों की पुष्टि हुई है। हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
इसी विवाद के बीच महेश की मां सुनीता देवी पत्नी रामराज सरोज ने थाना पवारा में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि 5 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे उनकी बहू राजलक्ष्मी अपने भाई जितेंद्र, शेखर तथा चार-पांच अन्य लोगों के साथ उनके घर पहुंची। आरोप है कि सभी ने घर में घुसकर गाली-गलौज की, मारपीट की और पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
महेश लाल सरोज ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 15 दिन पहले उनके ऊपर जानलेवा हमला किया गया। उनका कहना है कि हमलावरों ने उनकी मोटरसाइकिल को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद उन्होंने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को मौके पर बुलाया। महेश का कहना है कि जमानत पर रिहा होने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और आज भी उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
महेश लाल सरोज ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री, पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। उनका आरोप है कि जमीन विवाद के चलते उन्हें झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाया गया, जिसके कारण उन्हें जेल जाना पड़ा और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा।
महेश लाल सरोज का कहना है कि उनके गांव के सभी लोग उनके पक्ष में गवाही देने के लिए भी तैयार है
उधर, राजलक्ष्मी अपने लगाए गए आरोपों पर कायम हैं और उनका कहना है कि उनके साथ गंभीर अपराध हुआ है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। पुलिस का कहना है कि दर्ज मुकदमों और प्राप्त शिकायतों की जांच विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। मामले में लगाए गए सभी आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं और इनकी सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच तथा न्यायालय की कार्यवाही के बाद ही होगा।




