गोंडा।
गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। पकवान गांव के निरंजन तिवारी पुरवा निवासी सीमा तिवारी ने पुलिस अधीक्षक गोंडा को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव के ही चार लोगों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता का कहना है कि घटना के समय वह लगभग दो माह की गर्भवती थीं और मारपीट के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने गर्भस्थ शिशु की मृत्यु होने की जानकारी दी। पीड़िता ने मामले में गंभीर धाराएं जोड़ते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना की मांग की है।
प्रार्थना-पत्र के अनुसार, सीमा तिवारी ने आरोप लगाया है कि सत्यानन्द तिवारी, जनार्दन तिवारी, दुर्गेश तिवारी तथा रागिनी ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत होने की बात सामने आई। इस घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजनों में गहरा आक्रोश है।
पीड़िता का आरोप है कि घटना की सूचना थाना उमरी बेगमगंज पुलिस को देने के बावजूद मामले में केवल एनसीआर दर्ज की गई। शिकायत के अनुसार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 351(3) और 352 के तहत कार्रवाई की, जबकि पीड़िता का कहना है कि घटना की गंभीरता और चिकित्सीय तथ्यों को देखते हुए अधिक गंभीर धाराएं लगाई जानी चाहिए थीं। उनका यह भी आरोप है कि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने को लेकर चिंता बनी हुई है।
सीमा तिवारी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, उपलब्ध चिकित्सीय साक्ष्यों का परीक्षण कराया जाए तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाएं तो उपयुक्त गंभीर धाराएं जोड़ते हुए सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उन्हें न्याय दिलाया जाए।
यह मामला अब पुलिस प्रशासन के संज्ञान में है। पुलिस द्वारा शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के बाद ही आरोपों की पुष्टि तथा आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी




