नई दिल्ली। दिल्ली निवासी बबली ने अपने पति रवि कुमार तिवारी, निवासी रोहिणी-दौलतपुर, पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। बबली का कहना है कि करीब तीन वर्ष पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था और मंदिर में शादी की थी। विवाह के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन गर्भावस्था के दौरान उनके वैवाहिक जीवन में विवाद शुरू हो गया।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह लगभग सात महीने की गर्भवती थीं, तभी उनके पति ने कथित रूप से उन्हें छोड़ दिया और झगड़ा कर मायके भेज दिया। उनका कहना है कि तब से आज तक पति उन्हें वापस लेने नहीं आया। बबली के अनुसार, उनका एक बेटा यश है, लेकिन उसके पालन-पोषण के लिए भी पति की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जा रही है।
महिला ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल पक्ष द्वारा उनके साथ मारपीट की गई तथा मानसिक प्रताड़ना दी गई। उन्होंने बताया कि उनकी सास सुषमा देवी और ससुर श्याम नारायण तिवारी के परिवार से भी उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने पुलिस और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन अब तक उन्हें कोई प्रभावी राहत नहीं मिल सकी है।
बबली ने यह भी दावा किया है कि उनके पति का पिछले लगभग एक वर्ष से एक अन्य महिला, जो तीन बच्चों की मां है, के साथ संबंध है। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण उन्हें और उनके बच्चे को छोड़ दिया गया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पीड़िता ने प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच, भरण-पोषण, सुरक्षा तथा उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है और वह अपने छोटे बच्चे के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
हालांकि, इस समाचार में वर्णित सभी आरोप पीड़िता के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार लिखे जाने तक पति अथवा उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।




