बिहार के समस्तीपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों, विश्वास और धोखे को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सात साल पहले विवाह के बंधन में बंधी एक महिला आज अपनी तीन साल की मासूम बेटी को लेकर न्याय की तलाश में दर-दर भटक रही है। महिला का आरोप है कि जिस व्यक्ति के भरोसे उसने अपना घर-परिवार छोड़ दिया, वही कुछ महीनों बाद उसे बेसहारा छोड़कर फरार हो गया। पुलिस में शिकायत देने के बावजूद अब तक उसे कोई राहत नहीं मिल सकी है।
पीड़िता सोना देवी, पति लाल यादव, समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय क्षेत्र की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी करीब सात वर्ष पहले लाल यादव से हुई थी। दोनों की एक तीन वर्षीय बेटी भी है। सोना देवी का कहना है कि दरभंगा जिले के रहने वाले रामउदेश यादव, पिता देव यादव, जो चौकीदार के पद पर कार्यरत बताया जाता है, से उनकी लगभग पांच वर्षों से जान-पहचान थी। इसी दौरान दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही और बाद में रामउदेश यादव ने उन्हें अपने साथ नया जीवन शुरू करने का भरोसा दिया।
महिला का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले वह रामउदेश यादव के बहकावे में आकर अपनी मासूम बेटी को साथ लेकर लुधियाना चली गई। इस दौरान उन्होंने अपने पति लाल यादव से कानूनी रूप से तलाक भी नहीं लिया था। उनका कहना है कि उन्हें विश्वास था कि रामउदेश यादव उनके साथ जीवन बिताएगा, लेकिन यह भरोसा कुछ ही महीनों में टूट गया।
सोना देवी के अनुसार करीब चार महीने पहले रामउदेश यादव अचानक उन्हें छोड़कर फरार हो गया। जब वह उसकी तलाश में दरभंगा स्थित उसके गांव पहुंचीं तो परिवार वालों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद उन्हें पता चला कि रामउदेश यादव गुजरात में काम करता है। वह अपनी छोटी बच्ची को लेकर गुजरात भी पहुंच गईं, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
पीड़िता का आरोप है कि गुजरात में रामउदेश यादव के ठेकेदार उमेश और उसके एक साथी ने उसे वहां से भगा दिया, जिससे वह उससे मिल भी नहीं सकीं। इसके बाद रामउदेश यादव ने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया और तब से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। महिला का कहना है कि वह लगातार उसकी तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
निराश होकर सोना देवी ने महिला थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि वह अपनी तीन साल की बेटी के साथ लगातार भटक रही हैं और प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठी हैं।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर रामउदेश यादव का पता लगाया जाए और उनके साथ हुए कथित धोखे तथा परित्याग के मामले में विधिक कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है तथा जांच के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।




