पटना। अथमलगोला थाना क्षेत्र के चंदा गांव निवासी एक परिवार पर सड़क हादसे ने ऐसा कहर बरपाया कि घर का एक बेटा हमेशा के लिए चला गया, जबकि दूसरा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि 9 अगस्त 2026 की भोर करीब 4 बजे बख्तियारपुर की ओर जाते समय ओवरब्रिज क्रॉस करने के दौरान सामने से आई एक स्कॉर्पियो ने बब्बू कुमार और उनके भाई रोशन कुमार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में करीब 19 वर्षीय बब्बू कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रोशन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिवार के मुताबिक बब्बू कुमार, पिता मदन पासवान, चंदा, अथमलगोला, पटना के निवासी थे और मजदूरी तथा मिस्त्री का काम कर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करते थे। पिता का कहना है कि जिस बेटे से घर की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती थीं, उसकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
बताया गया कि घटना के समय बब्बू कुमार के साथ उनके भाई रोशन कुमार भी मौजूद थे। रोशन कुमार शादीशुदा हैं और उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। हादसे में रोशन को भी गंभीर चोटें आईं। परिवार के अनुसार उनके पैर में चोट लगी है और वह हादसे के बाद से परेशानी झेल रहे हैं। ऐसे में एक बेटे की मौत और दूसरे के घायल होने से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट दोनों बढ़ गए हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का कहना है कि अभी तक उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और न ही उन्हें मामले में उचित सुनवाई मिल रही है। उनका आरोप है कि बार-बार अपनी बात रखने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
परिवार के अनुसार हादसे में शामिल स्कॉर्पियो के बारे में भी उन्होंने पुलिस को जानकारी देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौके पर मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ है, इसलिए घटना की तत्काल जांच कर वाहन और चालक की पहचान की जानी चाहिए।
मदन पासवान ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है। उनके मुताबिक हाल ही में बख्तियारपुर जाने के दौरान ट्रेन से जुड़ी एक घटना में वह स्वयं भी दिव्यांग हो गए हैं। ऐसे में जिस बेटे से परिवार को सहारा था, उसकी सड़क हादसे में मौत और दूसरे बेटे के घायल होने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
परिवार का कहना है कि बब्बू कुमार किसी तरह मेहनत-मजदूरी कर घर चलाने में सहयोग करते थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं रोशन कुमार के घायल होने से उनके परिवार और छोटे बच्चों की जिम्मेदारी को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। परिवार चाहता है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो, घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वाहन की पहचान की जाए तथा जिम्मेदार चालक के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
परिवार का कहना है कि एक युवक की मौके पर मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यदि कार्रवाई में देरी होती है तो इससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर होती है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर एफआईआर और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा घायल रोशन कुमार के इलाज में आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल पीड़ित परिवार सदमे में है और प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। परिवार की मांग है कि मामले को समय रहते गंभीरता से लिया जाए, ताकि मृतक बब्बू कुमार के परिवार और घायल रोशन कुमार को न्याय मिल सके।




