मेजॉन स्टोर में कर्मचारियों के ट्रांसफर और हटाने को लेकर सवाल, रोहित खारी ने लगाए गंभीर आरोप
विशेष संवाददाता कंचन की रिपोर्ट
दिल्ली। साउथ दिल्ली के जैतपुर-बदरपुर क्षेत्र निवासी रोहित खारी ने अमेजॉन के स्टोर में काम करने के दौरान कथित तौर पर कर्मचारियों के साथ मनमाने तरीके से व्यवहार किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहित का कहना है कि वह करीब डेढ़ महीने से अमेजॉन के वेयरहाउस में स्पीकर से जुड़े काम पर कार्यरत हैं, लेकिन अब उन्हें बिना स्पष्ट जानकारी दिए ट्रांसफर के नाम पर काम से हटाया जा रहा है।
रोहित के मुताबिक, वेयरहाउस में कर्मचारियों की तीन शिफ्ट चलती हैं और प्रत्येक शिफ्ट में चार पीए बताए जाते हैं। उनका आरोप है कि कर्मचारियों को रखने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि कुछ नए कर्मचारियों से पहले 15 से 20 दिन तक काम कराया जाता है और बाद में ऊपर से आने वाली कर्मचारियों की हटाने वाली सूची में कथित तौर पर उन्हीं नए लोगों के नाम जोड़ दिए जाते हैं।
रोहित ने आरोप लगाया कि दूसरी ओर कुछ पुराने कर्मचारियों को लगातार काम पर बनाए रखा जाता है। उनका दावा है कि जिन कर्मचारियों के मैनेजर से अच्छे संबंध होते हैं या जो उनकी बात मानते हैं, उनके नाम कथित तौर पर सूची से बच जाते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
रोहित ने बताया कि उन्हें भी इसी तरह ट्रांसफर का हवाला देकर काम से हटाए जाने की बात कही गई है। उनका आरोप है कि उन्हें न तो उचित कारण बताया गया और न ही इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दी गई कि आखिर उन्हें किस आधार पर हटाया जा रहा है।
रोहित ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कर्मचारियों को हटाने या ट्रांसफर करने की कोई निर्धारित प्रक्रिया है तो उसे सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और बिना वजह रोजगार प्रभावित न किए जाने की मांग की है।
रोहित ने स्टोर से जुड़े राजन शर्मा का भी नाम लिया है और पी ए का नाम पंकज है और उनके स्तर पर कर्मचारियों की ड्यूटी तथा सूची से संबंधित भूमिका होने की बात कही है। हालांकि इस संबंध में राजन शर्मा अथवा अमेजॉन प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रबंधन का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
मामले ने कर्मचारियों के बीच कथित पक्षपातपूर्ण तरीके से काम से हटाए जाने और ट्रांसफर किए जाने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित प्रबंधन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और रोहित खारी द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।




