शिमला जिला परिषद में 26 साल बाद सत्ता का समीकरण बदल गया है। भाजपा की इस जीत को शिमला में कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
करीब 26 सालों के बाद शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा हो गया। भाजपा की जीत कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। जिला शिमला से राज्य सरकार में तीन मंत्री होने के बावजूद सत्तारूढ़ कांग्रेस सीट नहीं बचा पाई। शिमला के चौपाल विधानसभा क्षेत्र से आने वाले भाजपा समर्थित प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष बने। वहीं, जुब्बल कोटखाई के टिककर वॉर्ड से निर्दलीय सदस्य भरत सिंह कलांटा को उपाध्यक्ष चुना गया। भाजपा की जीत के बाद उपायुक्त कार्यालय शिमला में भाजपा समर्थकों ने फूलों का माला पहनाकर जश्न मनाया। इस मौके पर भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन और सिकंदर कुमार के साथ विधायक बलबीर वर्मा भी मौजूद रहे।
प्रदेश की 12 में से 11 जिला परिषद पर भाजपा ने किया कब्जा
इस मौके पर भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि लंबे इंजतार के बाद चुनाव हुआ और भाजपा को जीत हासिल हुई। उन्होंने कहा कि सरकार सीधे चुनाव को हटाने का प्रयास कर रही थी। भाजपा प्रत्याशियों ने इस मामले में अदालत का रुख भी किया। इसके बाद अब जाकर चुनाव करवाया गया। हर्ष महाजन ने कहा कि प्रदेश की 12 में से 11 जिला परिषद पर भाजपा ने कब्जा किया है, जो कांग्रेस की सत्ता से विदाई के संकेत हैं। हर्ष महाजन ने कहा कि इन चुनावों का असर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा।
वहीं, इस दौरान अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाले प्रत्याशियों ने क्षेत्र की जनता और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। साथ ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर भी बात कही।
भाजपा समर्थित प्रत्याशी भूपेंद्र सिसोदिया को 13 वोट मिले
शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए हुए दिलचस्प मुकाबले में भाजपा ने नजदीकी अंतर से जीत हासिल की। 25 सदस्यों वाली शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी भूपेंद्र सिसोदिया को 13 मत पड़े। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र रेटका के हिस्से में 10 मत आए, जबकि अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में 2 मत अमान्य करार दिए गए। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा का कब्जा है। भाजपा के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी भरत सिंह क्लांटा वाइस चेयरमैन बने। वाइस चेयरमैन पद के लिए भरत सिंह क्लांटा को 14 मत पड़े। जबकि, कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी मीनाक्षी को 10 मत पड़े और 1 मत को अमान्य घोषित किया गया।
शिमला जिला परिषद सीट पर भाजपा का कब्जा
शिमला जिला परिषद में सदस्यों की कुल 25 सीटें हैं। इस पर भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने नामित प्रत्याशी उतारे थे। इसमें भाजपा समर्थित 11 और 10 कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जीत कर आए थे। वहीं, 4 निर्दलीय प्रत्याशियों ने सदस्यों के रूप में जीत हासिल की थी। शिमला जिला परिषद सीट पर भाजपा का कब्जा सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।
प्रदेश के सभी 12 में से 11 जिला परिषदों में भाजपा का कब्जा
चुनावी नतीजे आने के करीब 3 महीने 10 दिन बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए जिसमें भाजपा को सफलता मिली। शिमला जिला परिषद पर कब्जे के बाद प्रदेश के सभी 12 में से 11 जिला परिषदों में भाजपा का कब्जा हो गया है। जिला शिमला से राज्य सरकार में तीन मंत्री हैं। इसके बावजूद सत्तासीन कांग्रेस शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद नहीं बचा




