ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क में 3 घंटे तक चली दोनों पक्षों की बैठक हुई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का समर्थन करते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच हुई जंग ने पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लिया। इस जंग के कारण ऊर्जा और अन्य सामाग्रियों की सप्लाई पर भी काफी असर पड़ा जिस कारण तेल समेत कई चीजों के दाम काफी बढ़ गए। अब तक इस बात का पता नहीं चला है कि मिडिल ईस्ट में जारी ये तनाव की स्थिति कब खत्म होगी। ऐसे समय में अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC की याद आई है। ट्रंप ने कहा है कि वह इस कॉरिडोर का समर्थन करते हैं।
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- “ईरान ने अपने पड़ोसी देशों में कमर्शियल शिपिंग पर आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया। ईरान के इस कदम ने सभी को यह दिखा दिया है कि मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरान के चेकपॉइंट्स से दूर ले जाने की काफी आवश्यकता है। इसीलिए मेरा प्रशासन ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ और तेल बाहर निकालने के दूसरे तरीकों – चाहे वह पाइपलाइन हो या कुछ और, इसका जोरदार समर्थन करता है। हम सभी एक साथ मिलकर उन चुनौतियों से पार पाने के करीब हैं जिन्होंने कई दशकों से इस पूरे क्षेत्र को परेशान कर रखा है।
IMEC के बारे में जानिए
भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे यानी IMEC कॉरिडोर का ऐलान नयी दिल्ली में आयोजित 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान किया गया था। इस आर्थिक कॉरिडोर को लोग चीन की ‘बेल्ट एंड रोड’ के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। अमेरिका, भारत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय संघ के नेताओं ने इस कॉरिडोर की घोषणा की और इस पर हस्ताक्षर भी किए। यह आर्थिक कॉरिडोर भारत, यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन, इजराइल और यूरोप को जोड़ेगा।
ईरान से डील पर बात आगे बढ़ रही- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हो रहे समझौते को लेकर भी बात की। ट्रंप ने कहा- “स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर ने ईरान से प्रस्तावित डील को लेकर मध्यस्थों से मुलाकात की है। मध्यस्थ यहां आए थे, कई बातें काफी अच्छी तरह से आगे बढ़ रही हैं। मैं ‘शील्ड ऑफ द अमेरिकाज’ की दूसरी बैठक में शामिल होकर काफी खुश हूं। शील्ड ऑफ द अमेरिकाज एक काफी बेहतरीन चीज है। यह पश्चिमी गोलार्ध में आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर गठबंधन है।”




