यमुनानगर। ऑनलाइन विज्ञापन देखकर सस्ते कपड़े खरीदने का सौदा करना एक छोटे दुकानदार को कथित तौर पर भारी पड़ गया। यमुनानगर निवासी मोहम्मद शरीफ ने आरोप लगाया है कि उन्हें 90 रुपये प्रति पीस के हिसाब से 150 पीस कपड़े देने का वादा किया गया था। इनमें कुर्ता, दुपट्टा और सलवार के तीन-पीस सेट शामिल होने की बात कही गई थी। आरोप है कि भुगतान के बाद 150 पीस के बजाय केवल 48 कपड़े भेजे गए और वे भी अधिकांश फटे, पुराने और खराब हालत में थे। रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
मोहम्मद शरीफ के मुताबिक वह पिछले करीब तीन वर्षों से छोटी सी कपड़ों की दुकान चलाकर परिवार का गुजारा कर रहे हैं। दुकान का कारोबार बढ़ाने के लिए वह कम कीमत में अधिक कपड़े खरीदकर बेचने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान उन्होंने यूट्यूब पर कपड़ों की बिक्री से संबंधित एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा। विज्ञापन में कम कीमत पर बड़ी संख्या में कपड़े उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।
शरीफ का कहना है कि विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर 8335937602 पर उन्होंने संपर्क किया था। बातचीत के दौरान उन्हें 90 रुपये प्रति पीस की दर से 150 पीस कपड़े उपलब्ध कराने की बात कही गई। विशेष रूप से कुर्ता, दुपट्टा और सलवार के तीन-पीस सेट देने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने बताए गए सौदे पर भरोसा करते हुए ऑनलाइन भुगतान कर दिया।
आरोप है कि भुगतान के बाद जब कपड़ों की खेप पहुंची तो पूरा मामला अलग निकला। शिकायतकर्ता के अनुसार 150 पीस के बजाय केवल 48 पीस कपड़े ही भेजे गए। इनमें भी कई कपड़े फटे और पुराने थे, जबकि कुछ की हालत ऐसी थी कि उन्हें दुकान पर ग्राहकों को बेचना भी संभव नहीं था। शरीफ का आरोप है कि जिस संख्या और गुणवत्ता के कपड़ों का वादा किया गया था, उसके मुकाबले भेजा गया सामान काफी कम और खराब था।
माल की स्थिति देखकर उन्होंने संबंधित व्यक्ति से फोन पर संपर्क कर शिकायत की। आरोप है कि शुरुआत में कपड़े बदलने और समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक उन्होंने करीब दो दिन तक इंतजार किया, लेकिन न तो कपड़े बदले गए और न ही रकम वापस की गई।
शरीफ का आरोप है कि दोबारा फोन कर पैसे वापस मांगने पर सामने वाले ने रकम लौटाने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। इसके बाद शिकायत करने पर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार फोन पर मिर्जापुर का नाम लेकर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई और दोबारा फोन करने पर उनके साथ कांड करने की बात कही गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक जिस नंबर 8335937602 पर उन्होंने यूट्यूब विज्ञापन देखकर संपर्क किया था, उस पर अब फोन करने पर नंबर बंद बताया जा रहा है। इससे उन्हें संदेह है कि संबंधित व्यक्ति से संपर्क करना मुश्किल हो गया है। हालांकि मोबाइल नंबर बंद होने और पूरे मामले में कथित ठगी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़ित का कहना है कि छोटी सी दुकान चलाने के लिए उन्होंने मेहनत से बचाए पैसे लगाए थे। ऑनलाइन विज्ञापन देखकर उन्हें उम्मीद थी कि कम कीमत पर कपड़े खरीदकर दुकान पर बेचेंगे और परिवार की आमदनी बढ़ाएंगे, लेकिन आरोप है कि इस सौदे में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मामले से संबंधित दस्तावेजों में एक टैक्स इनवॉयस पर 21 सितंबर 2026 की तारीख और 6,300 रुपये की कुल राशि दर्ज दिखाई देती है। इसके अलावा एक अलग बिल में विभिन्न प्रकार के कपड़ों का विवरण और 13,500 रुपये की राशि का उल्लेख है। हालांकि इन दस्तावेजों, वास्तविक भुगतान, बताए गए 150 पीस के सौदे और प्राप्त हुए 48 पीस माल के बीच पूरा संबंध जांच का विषय है।
मोहम्मद शरीफ ने मामले की जांच कराकर कथित रूप से ऑनलाइन ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि छोटे दुकानदारों और आम लोगों को ऑनलाइन कपड़ों के आकर्षक ऑफर के नाम पर होने वाली कथित ठगी से बचाने के लिए ऐसे मामलों की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।




