‘रामायण’ में कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता ने भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने कैकेयी को इतिहास की सबसे गलत समझी गई महिलाओं में से एक बताया और उम्मीद जताई कि वह इस किरदार के साथ न्याय कर पाई होंगी।
नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं। वहीं, अभिनेत्री लारा दत्ता भी इस भव्य पौराणिक गाथा का अहम हिस्सा हैं। वह फिल्म में राजा दशरथ की पत्नी और भगवान राम की सौतेली मां कैकेयी का किरदार निभा रही हैं। फिल्म की रिलीज के मौके पर लारा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। इसमें उन्होंने अपने किरदार को लेकर दिल की बात कही और बताया कि कैकेयी जैसी ऐतिहासिक शख्सियत को पर्दे पर निभाना उनके लिए कितना खास अनुभव रहा है।
कैकेयी को बताया इतिहास की सबसे गलत समझी गई महिलाओं में से एक
लारा दत्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें वह कैकेयी के अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रही हैं। तस्वीरों में उनका पारंपरिक शाही लुक नजर आता है। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा कि कई साल पहले उनके मन में खुद से बड़ी किसी चीज का हिस्सा बनने की इच्छा पैदा हुई थी। वह ऐसी कहानी से जुड़ना चाहती थीं, जो समय और पीढ़ियों से आगे तक कायम रहे। आज उन्हें लगता है कि उनकी वह इच्छा ‘रामायण’ जैसी अमर कहानी के जरिए पूरी हुई है।
अपने किरदार के बारे में बात करते हुए लारा ने कैकेयी को इतिहास की सबसे गलत समझी जाने वाली महिलाओं में से एक बताया। उन्होंने लिखा कि ऐसी मां का किरदार निभाना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है, जिसकी छवि को सदियों से एक खास नजरिए से देखा गया है। लारा के मुताबिक कैकेयी की इंसानियत को पर्दे पर जीवंत करने की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने इस किरदार के गुस्से, कमजोरियों, अपराधबोध और पछतावे जैसे भावनात्मक पहलुओं को समझने और प्रस्तुत करने की कोशिश की है।
‘एक ऐसी औरत जिसने इतिहास का रुख बदल दिया’
लारा ने अपने पोस्ट में कैकेयी के फैसले के महत्व पर भी बात की। पौराणिक कथा के अनुसार, कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगते हुए भगवान राम के लिए 14 साल का वनवास और भरत के लिए राजगद्दी मांगी थी। उनके इस निर्णय ने रामायण की कथा को निर्णायक मोड़ दिया। आमतौर पर कैकेयी को राम के वनवास के लिए जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन लारा ने अपने पोस्ट में उनके किरदार को एक अलग नजरिए से देखने की अपील की है।
अभिनेत्री ने लिखा कि कैकेयी ऐसी महिला थीं, जिन्होंने इतिहास का रुख बदल दिया। उनके फैसले को एक तरह से उस रास्ते का हिस्सा भी माना जा सकता है, जिस पर कहानी को आगे बढ़ना था। लारा ने कहा कि वह इस किरदार को निभाने का अवसर मिलने के लिए बेहद आभारी हैं। उनके मुताबिक कैकेयी को सिर्फ उनके एक फैसले से नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं और मानवीय पक्ष के साथ समझने की जरूरत है।
‘उम्मीद है माता कैकेयी के साथ न्याय कर पाऊंगी’
अपने भावुक संदेश के अंत में लारा दत्ता ने दर्शकों से अपील की कि वे सदियों से बनी धारणाओं से आगे बढ़कर कैकेयी के योगदान को समझें। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह अपने छोटे से प्रयास में माता कैकेयी के किरदार के साथ न्याय कर पाई होंगी। अभिनेत्री ने लिखा कि वह चाहती हैं कि दर्शक कैकेयी को उस दिव्य भविष्यवाणी को पूरा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए भी स्वीकार करें। उन्होंने अपने पोस्ट का समापन ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ किया।
दो हिस्सों में बनेगी ‘रामायण’
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी ‘रामायण’ को दो हिस्सों में तैयार किया गया है। फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश के अलावा रवि दुबे, सनी देओल, अरुण गोविल और लारा दत्ता जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। रिलीज से पहले लॉस एंजिल्स के एकेडमी थिएटर में इसकी विशेष स्क्रीनिंग भी आयोजित की गई थी। करीब तीन घंटे 15 मिनट की ‘रामायण: पार्ट 1’ को सेंसर बोर्ड से U सर्टिफिकेट मिला है। अब फिल्म की रिलीज के साथ ही दर्शक यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि लारा दत्ता ने कैकेयी के किरदार को किस तरह पर्दे पर पेश किया है।




