शहडोल। जिले के अकरी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए अनुसूचित जनजाति आयुक्त कार्यालय सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता भैयालाल नामदेव का आरोप है कि विद्यालय परिसर में रात्रिकालीन समय में कुछ बाहरी लोगों की आवाजाही होती है और शराबखोरी समेत असामाजिक गतिविधियां होने की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय परिसर का उपयोग निर्धारित शैक्षणिक कार्यों के अलावा अन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय कथित तौर पर शराब की बोतलें और अन्य आपत्तिजनक सामान दिखाई देते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
छात्रावास संचालन को लेकर भी सवाल
ज्ञापन में विद्यालय से जुड़े छात्रावास के संचालन का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार पूर्व में अधिकारियों की ओर से छात्रावास संचालन को लेकर आश्वासन दिया गया था और मार्च के बजट में ग्राम अकरी में छात्रावास संचालन शुरू किए जाने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद निर्धारित समय तक छात्रावास का संचालन शुरू नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि छात्र-छात्राओं की सुविधाओं और शिक्षा से जुड़े मामलों में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। छात्रावास के संचालन में देरी से क्षेत्र के विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
विद्यालय भवन और निर्माण कार्यों पर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में विद्यालय भवन की मरम्मत, साफ-सफाई और निर्माण कार्यों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विद्यालय के लिए शासन से अलग-अलग मदों में विकास कार्यों के लिए राशि आती रही, लेकिन मौके पर अपेक्षित निर्माण और सुविधाएं दिखाई नहीं देतीं।
ग्रामीणों ने विद्यालय की बाउंड्रीवाल, भवन की मरम्मत और साफ-सफाई सहित अन्य निर्माण कार्यों की जांच की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और सरकारी राशि के उपयोग की जांच जरूरी है।
स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को लेकर भी शिकायत
ज्ञापन में अकरी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित निर्माण कार्य का मुद्दा भी उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र के लिए निर्माण संबंधी कार्य स्वीकृत होने के बावजूद मौके पर अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए। बाउंड्रीवाल और अन्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी शिकायत की गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय और स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही शासन से स्वीकृत राशि, खर्च की गई रकम और मौके पर हुए वास्तविक कार्य का मिलान कराया जाए।
प्राचार्य पर फीस और विद्यालय कार्यों को लेकर आरोप
शिकायत में विद्यालय के प्राचार्य अमित सिंह वाघेल पर भी कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि छात्र-छात्राओं से फीस के नाम पर राशि ली जाती है और विद्यालय के मरम्मत एवं अन्य कार्यों में भी वित्तीय अनियमितता की आशंका है। ग्रामीणों ने इन आरोपों की जांच कराने तथा दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने प्राचार्य के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन जैसी कार्रवाई की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी है। हालांकि प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
भैयालाल नामदेव सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय परिसर का औचक निरीक्षण कराने, रात के समय कथित गतिविधियों की जांच करने, छात्रावास संचालन की स्थिति स्पष्ट करने तथा निर्माण कार्यों की तकनीकी और वित्तीय जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे में यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो प्रशासन को जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि विद्यालय की व्यवस्था को लेकर भ्रम की स्थिति समाप्त हो।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर क्या कार्रवाई करता है और विद्यालय परिसर, छात्रावास तथा निर्माण कार्यों से जुड़े आरोपों की जांच कब शुरू होती है।




