पुणे। झारखंड निवासी बुद्धि नारायण चौधरी, जो पिछले तीन-चार महीनों से पुणे स्थित मेघा इंजीनियर की रायगढ़वाला साइट पर कार्यरत होने का दावा करते हैं, ने कंपनी प्रबंधन पर मजदूरों के भुगतान में अनियमितता और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई श्रमिकों को पूरा भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसी को 11 हजार रुपये, किसी को 2 हजार रुपये तो किसी को 3 हजार रुपये देकर बाकी रकम रोक ली जाती है, जिससे मजदूर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
बुद्धि नारायण चौधरी के अनुसार, जब श्रमिकों ने साइट मैनेजर से भुगतान में देरी और बकाया राशि को लेकर सवाल किया तो कथित रूप से उन्हें जवाब मिला, “तुम पूछने वाले कौन होते हो?” इसके बाद विवाद बढ़ गया। पीड़ित का आरोप है कि भुगतान की मांग करने वाले श्रमिकों को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
श्रमिकों का यह भी कहना है कि कंपनी में इस तरह की समस्याएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन अधिकांश मजदूर नौकरी छूटने और अन्य परेशानियों के डर से खुलकर आवाज नहीं उठाते। उनका दावा है कि भय के माहौल के कारण कई श्रमिक अपनी शिकायतें दबाने को मजबूर हैं।
पीड़ित श्रमिकों ने संबंधित श्रम विभाग और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर बकाया मजदूरी का भुगतान कराने तथा श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।




