प्रतापगढ़। अंतू थाना क्षेत्र के ग्राम बझान में जमीन विवाद को लेकर एक महिला के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। गांव निवासी आरती पत्नी पवन कुमार ने थाना अंतू में प्रार्थना पत्र देकर अपने पट्टीदार जयकरन वर्मा पुत्र राधेश्याम पर रास्ते में पकड़कर मारपीट करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस से मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
आरती द्वारा पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार घटना 10 सितंबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की बताई गई है। महिला का कहना है कि वह शौच के लिए गई थी और शौच के बाद वापस लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में उसके पट्टीदार जयकरन वर्मा ने कथित रूप से उसे पीछे से पकड़ लिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने कथित रूप से लाठी-डंडे और लात-घूंसों से उसके साथ मारपीट की।
पीड़िता के मुताबिक मारपीट के दौरान उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। लोगों को आता देखकर जयकरन कथित रूप से वहां से भाग गया। महिला ने अपने शिकायती पत्र में बताया है कि उसका जयकरन के साथ पहले से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है और इसी विवाद के चलते उसके साथ आए दिन मारपीट किए जाने का आरोप है।
आरती का आरोप है कि विपक्षी उसकी भूमि पर कब्जा करना चाहता है। जमीन विवाद के चलते लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। महिला का कहना है कि घटना के बाद वह और उसका परिवार बेहद परेशान है और मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस से गुहार लगा रहे हैं।
पीड़िता ने थाना अंतू में 11 सितंबर 2026 को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर घटना की जानकारी पुलिस को दी। आवेदन में उसने आरोपी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। महिला ने अपना मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके चार छोटे-छोटे बच्चे हैं और मामले को लेकर उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण परिवार को दर-दर भटकना पड़ रहा है। पीड़िता ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और समय रहते न्याय दिलाने की मांग की है।
फिलहाल शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। पीड़िता की मांग है कि मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसके परिवार को सुरक्षा एवं न्याय दिलाया जाए।




