सुचिका तरियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया। सेमीफाइनल में हार के बावजूद वह भारत के लिए इस स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। भारत इस एशियन गेम्स में 6 मेडल जीत चुका है।
भारत की सुचिका तरियाल ने एशियन गेम्स की मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब एशियन गेम्स में MMA खेल को शामिल किया गया और भारत को इसमें अपना पहला मेडल मिला। सेमीफाइनल मैच में सुचिका को सिंगापुर की खिलाड़ी से 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। वे फाइनल में तो नहीं पहुंच सकीं लेकिन उन्होंने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया।
सेमीफाइनल में हार के कारण सुचिका का गोल्ड मेडल जीतने का सपना भले ही अधूरा रह गया, लेकिन फिर भी उन्होंने एशियन गेम्स के इतिहास में भारत को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) का पहला ब्रॉन्ज मेडल दिला दिया। उनके इस मेडल के साथ ही 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीता है। एशियन गेम्स में फिलहाल दूसरे दिन का खेल जारी है।
सुचिका तरियाल मैच के नतीजे से नहीं थी खुश
भारत के लिए मेडल जीतने के बाद भी सुचिका तरियाल इस नतीजे से खुश नहीं थीं। उनका मानना था कि सेमीफाइनल मैच में फैसला उनके खिलाफ गलत तरीके से सुनाया गया। असल में, तय समय तक मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद मैच ओवरटाइम में गया, जहां सिंगापुर की खिलाड़ी को विजेता घोषित कर दिया गया। सुचिका के कोच और भारतीय टीम ने इस फैसले का विरोध करते हुए आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन उनका फैसला नहीं बदला गया।
कम वजन की वजह से सिंगापुर की खिलाड़ी को विजेता घोषित किया गया
मैच बराबरी पर रहने के बाद सिंगापुर की खिलाड़ी को विजेता इसलिए घोषित किया गया क्योंकि उनका वजन सुचिका से 700 ग्राम कम था। हालांकि दोनों ही खिलाड़ी 60 किलोग्राम से कम वजन वाली कैटेगरी में खेल रही थीं, लेकिन एशियन गेम्स के नियमों के मुताबिक अगर कोई मैच टाई हो जाता है, तो कम वजन वाली खिलाड़ी को ही विजेता माना जाता है। इसी वजह से यहां सुचिका को हार का सामना करना पड़ा।
क्वर्टर फाइनल मैच में सुचिका तरियाल ने मंगोलिया के खिलाड़ी को हराया
सुचिका ने 20 सितंबर को ही क्वार्टर फाइनल मैच जीतकर भारत के लिए मेडल पक्का कर लिया था। इस मैच में उन्होंने मंगोलिया की खिलाड़ी को हराया। हालांकि, मैच के दूसरे और आखिरी राउंड में विरोधी खिलाड़ी ने काफी आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन सुचिका ने बहुत ही सूझ-बूझ और सब्र के साथ वहां भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। दबाव के बावजूद उन्होंने विरोधी खिलाड़ी को मात दी और मैच के अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा और जीत हासिल की।




