लॉर्ड्स में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच जून में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान पिच नंबर 9 को ICC ने असंतोषजनक रेटिंग देते हुए पहली बार डिमेरिट पॉइंट दिया था। अब MCC ने पिच को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स की एक पिच पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC की नाराजगी के बाद बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच जून में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान इस पिच पर गेंद को जरूरत से ज्यादा सीम मूवमेंट मिली और उछाल भी असमान रहा। ICC ने इसे असंतोषजनक रेटिंग देते हुए डिमेरिट पॉइंट दिया था। अब मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब यानी MCC ने इस पिच को दोबारा तैयार करने का फैसला किया है, जिसके चलते अगले दो से तीन सीजन तक इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
लॉर्ड्स की पिच को पहली बार मिला था डिमेरिट पॉइंट
लॉर्ड्स के पांच सेंट्रल पिचों में शामिल पिच नंबर 9 को ICC ने पहली बार डिमेरिट पॉइंट दिया था। जून में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैच में पिच के व्यवहार को लेकर सवाल उठे थे। मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने पाया कि गेंद को जरूरत से ज्यादा सीम मूवमेंट मिल रही थी और उछाल भी एक जैसा नहीं था। इसके बाद पिच को असंतोषजनक करार दिया गया।
इस मुकाबले में बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां इतनी चुनौतीपूर्ण रहीं कि महज 166 ओवर में सभी 40 विकेट गिर गए। इनमें से 24 विकेट बोल्ड या LBW के जरिए आए। मैच के दौरान पिच के व्यवहार ने लॉर्ड्स में विकेट तैयार करने की प्रक्रिया की समीक्षा की जरूरत पैदा कर दी।
MCC ने तैयार किया 7 सूत्रीय एक्शन प्लान
इस मामले के बाद MCC के चेयरमैन मार्क निकोलस ने सात सूत्रीय कार्ययोजना की घोषणा की थी। इसके तहत क्लब के क्रिकेट एवं संचालन निदेशक रॉब लिंच और ग्राउंड्स स्टाफ ने पिच तैयार करने की प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की। ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, MCC ने इस काम में विशेषज्ञों की सलाह लेने के साथ-साथ आंकड़ों का विश्लेषण भी कराया। निकोलस ने इस समीक्षा को लॉर्ड्स के मुख्य पिच एरिया और पिच तैयार करने की प्रक्रिया का सबसे व्यापक आकलन बताया। इसके बाद इसी महीने पिच नंबर 9 के पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया गया।
एशेज जैसे बड़े मैचों की तैयारी पर भी पड़ेगा असर
MCC के सामने अब चुनौती यह है कि पिच नंबर 9 उपलब्ध नहीं रहने के दौरान इंटरनेशनल मैचों का कार्यक्रम किस तरह तैयार किया जाए। क्लब के चेयरमैन ने 14 अक्टूबर को सदस्यों को भेजे ईमेल में कहा कि इस पहल का उद्देश्य लॉर्ड्स की प्रतिष्ठा के अनुरूप पिच तैयार करना सुनिश्चित करना है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि बदलावों के कारण आने वाले सालों में मैचों के आयोजन और कार्यक्रम निर्धारण में मुश्किलें आ सकती हैं। क्लब बड़े मुकाबलों, खासकर एशेज टेस्ट जैसे महत्वपूर्ण मैचों से पहले पिच तैयार करने के लिए अधिक समय देने की योजना भी बना रहा है। इससे ग्राउंड्स स्टाफ को पिच तैयार करने और उसकी स्थिति बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
हाइब्रिड और ड्रॉप-इन पिचों के इस्तेमाल पर जोर
लॉर्ड्स में पिच तैयार करने की व्यवस्था को लंबे समय के लिए बेहतर बनाने के उद्देश्य से MCC हाइब्रिड पिचों और स्थायी ड्रॉप-इन पिचों के इस्तेमाल का दायरा बढ़ाने की योजना बना रहा है। इससे मुख्य पिच एरिया पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। निकोलस के मुताबिक, हाइब्रिड पिचों का प्रभावी इस्तेमाल पिच नंबर 9 के अगले कुछ सालों तक अनुपलब्ध रहने से पैदा होने वाली चुनौतियों को कम करने में सहायक होगा। अब MCC का जोर ऐसी पिचें तैयार करने पर है, जिन पर गेंद और बल्ले के बीच संतुलित मुकाबला देखने को मिले और लॉर्ड्स की प्रतिष्ठा भी बरकरार रहे।




