इंदौर में सरकारी नलकूप में कथित तौर पर सीवेज के पानी के रिसाव का मामला सामने आया है। मामला महावीर नगर का है, जहां दूषित पानी के इस्तेमाल से कई लोग बीमार पड़ गए, जिसके बाद जलस्त्रोत के उपयोग पर रोक लगा दी है और स्वास्थ्य सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
इंदौर, मध्यप्रदेश का ही नहीं देश का भी सबसे स्वच्छ शहर है। इसने केंद्र सरकार के ‘स्वच्छ भारत सर्वेक्षण’ में कई सालों तक लगातार नंबर 1 स्थान हासिल करते हुए शानदार रिकॉर्ड बनाए रखा है। लेकिन, अब देश के इसी सबसे स्वच्छ शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मामला इंदौर के महावीर नगर का है, जहां मंगलवार को कई लोगों ने सरकारी नलकूप में कथित तौर पर सीवेज के पानी के रिसाव के चलते उल्टी-दस्त और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद स्थानीय प्रशासन ने इस जलस्त्रोत के उपयोग पर रोक लगा दी है और स्वास्थ्य सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
सीवेज के पानी के रिसाव से दूषित हुआ नलकूप का पानी
महावीर नगर से येह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब शहर के ही भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर 2025 के दौरान दूषित पेयजल की आपूर्ति के चलते हुई मौतों के मामले की न्यायिक जांच चल रही है। इस घटना की सूचना देते हुए इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के क्षेत्रीय अधिकारी विनोद अग्रवाल ने बताया कि उन्हें वॉर्ड क्रमांक 16 के महावीर नगर से एक सरकारी नलकूप में कथित तौर पर सीवेज के पानी के रिसाव से पीने वाले पानी के दूषित होने की शिकायत मिली थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही इसकी शिकायत मिली, आला अफसरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इसका निरीक्षण किया।
एहतियात के तौर पर बंद किया गया नलकूप
क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए एहतियात के तौर पर फिलहाल नलकूप बंद करा दिया गया है और इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सीवेज लाइन की सफाई भी करा दी गई है। जांच के बाद इसे फिर शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल क्षेत्रवासियों को टैंकर के जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है। अग्रवाल के अनुसार, ये नलकूप बरसों पुराना है। उन्होंने बताया कि ये नलकूप उस समय का है, जब महावीर नगर ग्राम पंचायत के तहत आता था। इंदौर नगर निगम के आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि महावीर नगर में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार होने की शिकायत मिलने पर निगम का दल क्षेत्र में जांच कर रहा है और इसकी रिपोर्ट के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
कई दिनों से परेशान थे क्षेत्रवासी
वहीं नलकूप से दूषित जल आने की शिकायत करते हुए स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि ये समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई थी। क्षेत्र में लगातार गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही थी और दूषित पानी पीने से चलते कई परिवारों में उल्टी, दस्त और पेट संबंधी अन्य समस्याओं की शिकायत सामने आई है। स्थानीय निवासी रानी मालवीय कहती हैं, “मेरे बच्चे, पति और घर के अन्य सदस्यों को करीब आठ दिनों से उल्टी-दस्त और घबराहट की शिकायत हो रही है। सिर्फ मेरा परिवार ही नहीं, पूरी गली के लोग इस तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं।” बता दें, इससे पहले, शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दिसंबर 2025 में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण उल्टी-दस्त के प्रकोप में कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी।




