29 अक्टूबर को उदय कुमार पाठक की गाड़ी को लेकर शुरू हुआ विवाद, अगले ही दिन पिता रविंद्र पाठक के साथ मारपीट का आरोप; भोले, संजय, रोहित और नागेंद्र पाठक पर धमकाने का आरोप, पीड़ित ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में एक दिव्यांग व्यक्ति और उसके परिवार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित उदय कुमार पाठक का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोग लगातार उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं। विवाद की शुरुआत 29 अक्टूबर 2026 को हुई, जब उनकी गाड़ी में पानी डालने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान उदय कुमार पाठक और उनके परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज की गई। मामला यहीं नहीं रुका और अगले ही दिन 30 अक्टूबर को उनके बुजुर्ग पिता रविंद्र पाठक के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। घटना के बाद से पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में जीने को मजबूर है।
पीड़ित उदय कुमार पाठक, पिता रविंद्र पाठक, निवासी भोजपुर, बिहार का कहना है कि वह दिव्यांग हैं और अपने परिवार के साथ शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनके परिवार में भाई अजय कुमार और दो बच्चे प्रियांशु तथा हिमांशु भी हैं। पीड़ित का आरोप है कि 29 अक्टूबर को उनकी गाड़ी में पानी डालने की बात को लेकर कुछ लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। आरोप है कि उनके साथ-साथ उनके भाई और बच्चों को भी अपशब्द कहे गए, जिससे परिवार काफी आहत और परेशान है।
पीड़ित के मुताबिक, घटना के अगले दिन 30 अक्टूबर को विवाद ने और गंभीर रूप ले लिया। आरोप है कि उनके पिता रविंद्र पाठक के साथ भोले, संजय, रोहित और नागेंद्र पाठक ने मारपीट की। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपित लोग दबंग प्रवृत्ति के हैं और आए दिन उन्हें परेशान करते रहते हैं। परिवार का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपितों की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही हैं।
उदय कुमार पाठक ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें उनकी गाड़ी के टायर खुलवा देने की धमकी दी जा रही है। इस कारण परिवार को अपनी संपत्ति और सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। पीड़ित का कहना है कि एक तरफ वह दिव्यांग होने के कारण पहले से ही कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार के सदस्यों के साथ कथित मारपीट और लगातार धमकियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले को लेकर थाने में भी शिकायत और बातचीत की गई, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक न्याय नहीं मिला है। उनका कहना है कि प्रभावशाली और दबंग बताए जा रहे आरोपी कथित रूप से थाने पहुंचकर मामले को अपने पक्ष में सुलझा लेते हैं, जबकि पीड़ित परिवार की शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। परिवार का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है।
पीड़ित का कहना है कि उनके पिता के साथ हुई कथित मारपीट और परिवार को मिल रही धमकियों के बाद घर के सभी सदस्य डरे हुए हैं। बच्चों को लेकर भी परिवार चिंतित है। उन्हें आशंका है कि यदि समय रहते पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया तो आरोपित दोबारा किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। परिवार अब प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
पीड़ित उदय कुमार पाठक ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि 29 और 30 अक्टूबर की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए तथा परिवार को मिल रही धमकियों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा प्रदान की जाए। परिवार का कहना है कि वे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते, लेकिन अपने सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए न्याय चाहते हैं।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पीड़ित परिवार की मांग है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर समय रहते कार्रवाई करे, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले उन्हें न्याय और सुरक्षा मिल सके।




