प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में दुर्लभ ब्लड कैंसर के चलते निधन हो गया। 7 अगस्त को अभिनेता की प्रेयर मीट रखी गई, जिसमें सुहासिनी मुले से लेकर रघुबीर यादव समेत कई कलाकार पहुंचे। इस दौरान एक दिवंगत अभिनेता के बेटे विक्रमादित्य फूट-फूटकर रो पड़े।
‘गजनी’, ‘सरफरोश’ और ‘लगान’ जैसी चर्चित फिल्मों में अपने अभिनय से सुर्खियां बटोरने वाले प्रदीप रावत अब इस दुनिया में नहीं रहे। 4 अगस्त को दिग्गज अभिनेता का ब्लड कैंसर के चलते निधन हो गया। इस खबर ने सिर्फ बॉलीवुड को ही नहीं, साउथ सिनेमा को भी हिलाकर रख दिया। प्रदीप रावत हिंदी और साउथ सिनेमा के जाने-माने अभिनेता थे। 7 अगस्त की शाम प्रदीप रावत की प्रेयर मीट का आयोजन किया गया, जिसमें कई फिल्मी सितारे उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सुहासिनी, रघुबीर यादव, मुकेश ऋषि, सुनील पाल, करण वी ग्रोवर सहित कई सितारों ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य उर्फ विक्रम फूट-फूटकर रोते दिखे। अपने पिता की प्रेयर मीट में शामिल हुए लोगों को शुक्रिया कहते हुए वह सिसक-सिसकर कर रोने लगे और उनके हाथ-पैर भी कांपने लगे।
पिता को याद कर भावुक हुए विक्रम
प्रदीप रावत की प्रेयर मीट के कई वीडियो सामने आए हैं, लेकिन एक वीडियो ऐसा है, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स को भी भावुक कर दिया। इस वीडियो में प्रदीप रावत के बेटे विक्रम उन्हें याद करते हुए प्रेयर मीट में शामिल हुए लोगों को शुक्रिया कहते देखे जा सकते हैं। लेकिन, इस दौरान वह भावुक हो जाते हैं और रोने लगते हैं। उनके हाथ भी कांपने लगे। विक्रम कहते हैं- ‘जो भी लोग यहां आए हैं, उन सभी को धन्यवाद कहना चाहता हूं। मैं अभी ज्यादा कुछ बोलने की हालत में नहीं हूं। मेरे साथ उनकी बहुत सी यादें हैं। मगर ज्यादा कुछ नहीं बोल पाऊंगा। मेरे हाथ-पैर कांप रहे हैं। बस इतना ही कहना चाहूंगा- आप सभी का शुक्रिया, वो आपसे बहुत प्यार करते थे। आप सब यहां आए, उसके लिए आप सभी का बहुत शुक्रिया।’
पिता प्रदीप रावत को विक्रम ने दी श्रद्धांजलि
प्रदीप रावत की प्रेयर मीट के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए विक्रमादित्य ने अपने पिता की विरासत के बारे में बात करते हुए कहा- ‘मैं अपने के बारे में जितना कहूं, वह हमेशा कम ही पड़ेगा। वो सम्मान और इज्जत से जीने वाले इंसान थे। मैं चाहे भगवान से कितनी बार प्रार्थना कर लूं, या अगर भगवान मुझसे पूछें कि मुझे कैसा पिता चाहिए, तो मैं हमेशा उन्हीं का नाम लूंगा। उन्हें भरोसा था, और मुझे भी यकीन है कि एक दिन मैं उनका नाम जरूर रोशन करूंगा। उनकी विरासत को आगे बढ़ाऊंगा। मैं उनकी विरासत को अपनाना चाहता हूं, उनके नाम को और भी बड़ा बनाना चाहता हूं।’
आखिरी वक्त में कैसा था प्रदीप रावत का हाल?
इससे पहले विक्रमादित्य रावत ने अपने दिवंगत पिता प्रदीप रावत के आखिरी समय के बारे में बात करते हुए उनका हाल बयां किया था। विक्रम ने बताया कि परिवार को शुरुआत में लगा कि ये सिर्फ पेट का साधारण संक्रमण है। डॉक्टर्स को भी शुरुआती लक्षण ऐसे ही लगे। लेकिन, जब दवाईयों के बाद भी उनकी हालत ठीक नहीं हुई तो परिवार ने विस्तृत जांच कराने का फैसला लिया। मेडिकल रिपोर्ट में पता चला कि व्हाइट ब्लड सेल्स काउंट सामान्य से काफी ज्यादा हैं। डॉक्टर्स ने प्राथमिक जांच के बाद आशंका जताई की मामला ब्लड कैंसर का है और अगले ही दिन इसकी पुष्टि कर दी। उन्हें बेहद आक्रमक किस्म का रेयर ब्लड कैंसर हुआ था, जिसने शरीर को संभलने का मौका नहीं दिया। विक्रम ने ये भी बताया कि मौत के कुछ घंटे पहले प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगे और आखिरी में सिर्फ 30000 प्लेटलेट्स ही रह गए थे।




