पत्नी बोलीं पुलिस से लेकर अधिकारियों तक लगाई गुहार, फिर भी सुनवाई नहीं; विपक्षियों पर पैसे देकर मामला दबाने का आरोप
अलीगढ़। बरला थाना क्षेत्र में खेत पर काम कर रहे एक व्यक्ति को बोलेरो कार और मोटरसाइकिलों से पहुंचे लोगों द्वारा कथित तौर पर जबरन उठाकर ले जाने और घर में बंद कर मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि 29 अगस्त 2026 की सुबह करीब 6 बजे सतेन्द्र उर्फ श्यामबाबू अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें जबरन बोलेरो कार में बैठाकर अपने घर ले गए। आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई।
मामले को लेकर सतेन्द्र की पत्नी विमलेश ने बरला थाना पुलिस से शिकायत कर जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में महिला ने बताया कि वह ग्राम दतावली, थाना बरला क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके पति सतेन्द्र उर्फ श्यामबाबू सुबह के समय खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान एक बोलेरो कार और दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कई लोग वहां पहुंचे।
शिकायत में वीरेश पुत्र नेम सिंह, चरन सिंह, प्रेमपाल, बहादुर, सुवेन्द्र और धीरज पुत्र नेम सिंह सहित कुछ अन्य अज्ञात लोगों के नाम बताए गए हैं। विमलेश का आरोप है कि इन लोगों ने उसके पति को जबरन कार में बैठाया और अपने घर ले गए। इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई।
पति को जबरन ले जाने की खबर मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। विमलेश का कहना है कि घटना के बाद से परिवार लगातार परेशान है और वह अपने पति को सुरक्षित वापस लाने तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं।
इसी मामले से जुड़ी एक अन्य शिकायत में भगवान देवी ने भी अपने बेटे के साथ कुछ लोगों द्वारा कथित मारपीट किए जाने की बात कही है। आवेदन में बताया गया है कि 29 अगस्त की शाम करीब 7 बजे उनका बेटा घर से बाहर गया था। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा उसे पकड़ने और उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में वीरेश, चरन, नेम सिंह और अजमीर सहित अन्य लोगों के नाम बताए गए हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दोनों घटनाओं को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और पुलिस के समक्ष कई बार शिकायत दी, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
परिजनों ने विपक्षी पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कथित तौर पर थाने में पैसे देकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार का दावा है कि इसी वजह से उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि, पैसे देकर मामला दबाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो विवाद और बढ़ सकता है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटनास्थल और आसपास के लोगों से पूछताछ करने तथा आरोपों में नामजद लोगों से पूछताछ कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
विमलेश ने पुलिस से भावुक अपील करते हुए कहा है कि उनके पति को वापस लाने में मदद की जाए और यदि उनके साथ मारपीट या जबरन ले जाने की बात जांच में सही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पीड़ित परिवार अब प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से हर संभव जगह शिकायत पहुंचाने का प्रयास किया है, लेकिन अभी तक उन्हें राहत नहीं मिली है। ऐसे में परिवार ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर मामले की निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सतेन्द्र को किन परिस्थितियों में ले जाया गया, उनके साथ मारपीट हुई या नहीं और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोप कितने सही हैं। नामजद लोगों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।




