Sunday, November 1, 2026
spot_img

Latest Posts

आधी रात बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, घर में तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप; युवक का दावा पुलिस ने भाई को बाहर ले जाकर पीटा, दोनों के मोबाइल भी ले गई

ग्राम दुजाना, थाना बादलपुर पोस्ट दुजाना, जिला गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश। में बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद मामला इतना बढ़ गया कि बड़ों के बीच मारपीट और घर में तोड़फोड़ कर घर का सामान ले गए । पीड़ित बल्लिराम, उम्र करीब 25 वर्ष, ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। बल्लिराम का कहना है कि 7 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12 बजे बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में बड़ों के बीच झगड़े में बदल गया। पीड़ित के अनुसार पड़ोस में रहने वाली सोनम बेटी बेबी, पुत्र लोकुश और धर्मराज समेत कुल चार लोगो ने मिलकर महिलाओं ने बच्चों के विवाद को और बढ़ा दिया, जिसके बाद उसके परिवार के साथ मारपीट की गई।

बलिराम के मुताबिक विवाद के दौरान उसकी पत्नी खुशबू के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद उसका करीब 18 वर्षीय भाई जुबला भी मामले में फंस गया। बल्लिराम का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस उसके भाई बल्लिराम के साथ बेहरमी से मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि उसके पास इस घटना से संबंधित फोटो और वीडियो भी मौजूद हैं।

बल्लिराम ने आरोप लगाया कि सोनम ने पुलिसकर्मियों को बुलाया और उसके भाई जुबला को जान से मारने जैसी बात कही। पीड़ित के अनुसार कथित तौर पर पैसे देने की बात भी कही गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पुलिसकर्मियों या दूसरे पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।

पीड़ित का कहना है कि उसके भाई जुबला को पुलिस द्वारा कथित रूप से बहरहमी से मारपीट कर अदमरा छोड़ दिया गया। बल्लिराम का आरोप है कि यदि उसके परिवार के किसी सदस्य से गलती हुई थी तो पुलिस को उसे थाने लाकर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि आधी रात में कथित रूप से मारपीट करनी चाहिए थी। उसका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए और पुलिस की कार्रवाई भी नियमानुसार होनी चाहिए।

बल्लिराम के अनुसार घटना के दौरान पुलिस ने उसका और उसके भाई जुबला का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद से दोनों मोबाइल उन्हें वापस नहीं मिले हैं। उनका आरोप है कि मामले में उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण परिवार परेशान है।

पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि घर में हुई तोड़फोड़, पत्नी के साथ कथित मारपीट और उसके भाई के साथ पुलिस की कथित मारपीट की जांच की जाए। साथ ही यदि फोटो और वीडियो उपलब्ध हैं तो उनकी भी जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

बल्लिराम का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। यदि किसी व्यक्ति पर कोई आरोप है तो उसे थाने ले जाकर पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन कथित रूप से मारपीट कर अधमरी हालत में छोड़ना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। पीड़ित परिवार ने इस मामले में उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप पीड़ित बल्लिराम के बयान पर आधारित हैं। दूसरे पक्ष और संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.