बक्सर। चक्की थाना क्षेत्र के भरियार गांव में जमीन और मकान के निकास को लेकर विवाद लगातार गंभीर होता जा रहा है। करीब 60 वर्षीय बिहारी बिन्द ने जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक डुमरांव और थाना चक्की में अलग-अलग आवेदन देकर कुछ लोगों पर उनके घर का निकास जबरन बंद करने, मकान की दीवार तोड़ने, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में रहने को मजबूर है और कई बार शिकायत देने के बावजूद उसे अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है।
बिहारी बिन्द के अनुसार मौजा भरियार, थाना चक्की, खाता संख्या 102 और खेसरा संख्या 428 की जमीन पर उनका परिवार लंबे समय से रह रहा है। उनके आवेदन में दावा किया गया है कि उक्त भूमि उनके परिवार को शिवबिहारी तिवारी के पूर्वजों की ओर से रहने के लिए दी गई थी। पीड़ित का कहना है कि उनके पिता शिवबिहारी तिवारी के परिवार में चरवाही और मजदूरी का काम करते थे तथा करीब 50 वर्षों से परिवार उक्त भूमि पर मकान और अन्य निर्माण के साथ निवास करता आ रहा है।
आवेदनों में बिहारी बिन्द ने आरोप लगाया है कि राजाराम तिवारी, राकेश तिवारी, मुन्ना तिवारी, अशोक तिवारी, राजेन्द्र तिवारी, प्रदीप तिवारी सहित कई लोग अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी जमीन पर बने मकान को हटाने और उन्हें वहां से जबरन निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि मकान के मुख्य निकास और आसपास की दीवार को तोड़कर रास्ता बंद करने की कोशिश की जा रही है।
पीड़ित के मुताबिक जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। एक आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि 5 जून और 28 जून 2026 को कुछ लोग लाठी-डंडे और कथित रूप से हथियार लेकर घर में घुस आए और उनके तथा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि उन्हें गांव छोड़कर चले जाने की धमकी भी दी गई और ऐसा नहीं करने पर गोली मारने की चेतावनी दी गई।
बिहारी बिन्द का कहना है कि धमकी मिलने के बाद से उनका पूरा परिवार दहशत में है। उन्होंने पुलिस से शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन उनके आरोप के अनुसार थानाध्यक्ष की ओर से उनकी शिकायत पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बक्सर से एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
भूमि विवाद को लेकर मामला प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर भी पहुंच चुका है। पीड़ित के आवेदन के अनुसार भूमि सुधार उपसमाहर्ता, डुमरांव के समक्ष B.L.D.R. के तहत वाद संख्या 48/2026-27 भी दाखिल किया गया है। इसके अलावा पीड़ित ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष 21 मई 2026 को लिखित सनहा दिए जाने का भी उल्लेख किया है।
एक अन्य आवेदन में बिहारी बिन्द ने पुलिस से विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार के नए निर्माण अथवा उनकी संपत्ति के साथ छेड़छाड़ पर रोक लगाने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि वह गरीब और मजदूरी करने वाले व्यक्ति हैं तथा परिवार के लिए यही मकान सहारा है। मकान और निकास को लेकर लगातार दबाव बनाए जाने से परिवार की परेशानी बढ़ती जा रही है।
पीड़ित का आरोप है कि करीब पांच दशक से जिस स्थान पर उनका परिवार रह रहा है, उसे अब जबरन खाली कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर भूमि संबंधी दस्तावेजों और वास्तविक कब्जे की स्थिति की जांच कराने की मांग की है, ताकि विवाद का स्थायी समाधान हो सके।
बिहारी बिन्द ने जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते हस्तक्षेप किया जाए। उनका कहना है कि यदि विवाद का समाधान और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो किसी बड़ी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहेगी। पीड़ित परिवार चाहता है कि प्रशासन मौके की जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाए और कानून के अनुसार कार्रवाई करे।
दस्तावेजों में अलग-अलग शिकायतों की तिथियों और घटनाओं का उल्लेख है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पुलिस जांच, राजस्व अभिलेखों और दोनों पक्षों के दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित परिवार प्रशासन से जल्द सुनवाई और जान-माल की सुरक्षा की मांग कर रहा है।




