उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और 24 घंटे में नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्ग गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया।
यूपी में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित लोगों को 24 घंटे में मुआवजा देने के निर्देश।
त्योहारों से पहले यूपी के 681 प्रमुख मार्ग गड्ढामुक्त होंगे, अस्पताल-बाजार की सड़कें प्राथमिकता पर।
9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा, 50 हजार किमी मार्ग गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बारिश से होने वाली जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का संज्ञान लेते हुए सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतरकर स्थिति का जायजा लेने को कहा है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने और जलभराव के कारण आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। बता दें कि इसे पहले योगी ने महिलाओं को त्योहार के पहले बंपर गिफ्ट देते हुए एक-एक लाख रुपये देना का ऐलान किया था।
‘नुकसान का 24 घंटे में आकलन’
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का तत्काल आकलन कराया जाए। नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद प्रभावित लोगों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के लगातार संपर्क में रहने और उनसे संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों तक हर संभव सहायता समय पर पहुंचनी चाहिए।
‘जलभराव से लोगों को परेशानी न हो’
सीएम योगी ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बारिश के कारण कहीं भी लंबे समय तक जलभराव की स्थिति न रहे और इससे आम लोगों को परेशानी न हो। वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर हालात देखने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा,
‘आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। अतिवृष्टि के दौरान नदियों और जलाशयों में स्नान करने से भी बचें और विशेष सावधानी बरतें।’
खराब सड़कों को ठीक करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश के बीच गड्ढामुक्त सड़क अभियान को लेकर भी बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को बारिश से खराब हुई सड़कों को तत्काल मोटरेबल यानी आवागमन के लायक बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बरसात खत्म होने के बाद जरूरत के अनुसार सड़कों का नवीनीकरण कराया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सड़क मरम्मत के काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
त्योहारों से पहले 681 प्रमुख मार्ग होंगे गड्ढामुक्त
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आगामी प्रमुख त्योहारों से पहले प्रदेश के 681 प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाए। इसमें गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दीपावली और छठ के दौरान इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मार्गों पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और बाजारों तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
‘सिर्फ पैचवर्क तक सीमित न रहे सड़क मरम्मत’
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश के 9 विभागों के 4.36 लाख किलोमीटर सड़क मार्गों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कुल 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। अब तक 5,751 किलोमीटर मार्गों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी काम तेज करने को कहा है। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क मरम्मत का काम केवल गड्ढों पर पैचवर्क करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा,
‘जहां जरूरत हो, वहां सड़क का उचित नवीनीकरण कराया जाए, ताकि मरम्मत लंबे समय तक टिकाऊ रहे।’
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बारिश से खराब सड़कों को पहले तत्काल चलने लायक बनाया जाए और बरसात के बाद जरूरत के मुताबिक उनका नवीनीकरण कराया जाए।




