ब्यावर। अनाथ आश्रम में शादी कराने के नाम पर युवक से अलग-अलग मदों में पैसे लेने और बाद में अतिरिक्त रकम की मांग करने का मामला सामने आया है। ब्यावर थाना जेवाजा क्षेत्र के गांव बिहार रतनपुर गोप का बढ़िया निवासी महेंद्र सिंह ने श्री गुरुदेव अनाथ आश्रम, अमृतसर पंजाब के नाम से चल रही कथित शादी प्रक्रिया के संबंध में गंभीर आरोप लगाए हैं। महेंद्र के अनुसार, उन्होंने 24 सितंबर 2026 के आसपास आश्रम के माध्यम से शादी के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन, मैरिज सर्टिफिकेट, शॉपिंग चार्ज और स्कूटी ट्रांसपोर्ट सहित अलग-अलग नामों पर भुगतान कराया गया।
महेंद्र का कहना है कि उन्हें संजीव कुमार नामक व्यक्ति ने खुद को अनाथ आश्रम का मैनेजर बताते हुए शादी की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। बातचीत के दौरान बताया गया कि शादी के इच्छुक युवक को आधार कार्ड और फोटो भेजना होगा। इसके बाद फाइल चार्ज तथा मैरिज सर्टिफिकेट के नाम पर भुगतान करने की बात कही गई। कथित तौर पर यह भी बताया गया कि भुगतान के करीब 25 से 30 मिनट के भीतर प्रमाण-पत्र व्हाट्सऐप पर भेज दिया जाएगा और 2 से 5 दिन के अंदर शादी की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
महेंद्र के अनुसार, उन्हें यह भी बताया गया कि सरकार की ओर से लड़की के लिए करीब 1 लाख 51 हजार रुपये तक का सामान दिया जाएगा, जिसमें बर्तन, सिलाई मशीन, वॉशिंग मशीन और फ्रिज आदि के साथ स्कूटी भी शामिल होगी। इसी भरोसे में उन्होंने संबंधित लोगों से संपर्क जारी रखा और अपने दस्तावेज तथा फोटो उपलब्ध कराए।
महेंद्र द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज में श्री गुरु नानक देव अनाथ आश्रम अमृतसर पंजाब और श्री गुरुदेव अनाथ आश्रम अमृतसर पंजाब जैसे नाम दिखाई देते हैं। एक कथित पंजीकरण प्रमाण-पत्र में वर का नाम महेंद्र सिंह, जन्म तिथि 11 जुलाई 1980, पिता का नाम देवी सिंह, मोबाइल नंबर 9829278589 और पता ब्यावर राजस्थान 305923 दर्ज है। इसी दस्तावेज में कन्या का नाम सारिका देवी तथा ज्वॉइनिंग डेट 23 सितंबर 2026 अंकित है। प्रमाण-पत्र में 10,500 रुपये शॉपिंग चार्ज देने की बात भी लिखी गई है और इसे शादी के दिन रिफंड किए जाने का उल्लेख है।
महेंद्र का आरोप है कि शुरुआत में उनसे रसीद के नाम पर करीब 1 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद शॉपिंग चार्ज के नाम पर 12,500 रुपये लिए जाने की बात उन्होंने बताई। उनका कहना है कि इसके बाद कथित तौर पर लड़की के लिए खरीदारी और स्कूटी मिलने की जानकारी दी गई। स्कूटी को ट्रांसपोर्ट करने के नाम पर आरटीओ चार्ज के रूप में 7,800 रुपये मांगे गए, जिसका भुगतान उन्होंने कर दिया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि वाहन रवाना कर दिया गया है।
महेंद्र के अनुसार, अगले दिन दोपहर करीब 12 बजे फोन आया और बताया गया कि रास्ते में स्कूटी लेकर जा रहे वाहन का टायर फट गया है। इस पर महेंद्र ने कथित तौर पर कहा कि वाहन उनके कहने पर नहीं भेजा गया है और वाहन की यात्रा या टायर फटने की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। उनका आरोप है कि इसके बाद फोन पर उनके साथ कथित तौर पर बदतमीजी से बातचीत की गई और उनसे 28,500 रुपये और मांगे गए। कथित तौर पर यह रकम किराये के नाम पर बताई गई और कहा गया कि बाद में इसे पहले दिए गए भुगतान में समायोजित कर लिया जाएगा।
महेंद्र का कहना है कि 26 सितंबर 2026 की रात करीब 8:30 बजे दोबारा फोन आया। आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने भुगतान नहीं करने पर रिपोर्ट दर्ज कराने और उनके घर पुलिस भेजने की धमकी दी। इससे महेंद्र परेशान हो गए। उन्होंने दावा किया कि अब तक अलग-अलग मदों में उनसे रकम ली जा चुकी है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए अलग-अलग भुगतानों और अंत में बताई गई कुल रकम के आंकड़ों में अंतर है, इसलिए वास्तविक कुल भुगतान की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
इस मामले में महेंद्र ने संबंधित संस्था और उससे जुड़े लोगों द्वारा शादी कराने, अनाथ आश्रम की लड़की उपलब्ध कराने तथा सरकारी सामान और स्कूटी दिलाने के नाम पर रकम लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, उन्हें पहले पंजीकरण और प्रमाण-पत्र का भरोसा दिया गया, फिर शॉपिंग और वाहन ट्रांसपोर्ट के नाम पर लगातार अतिरिक्त भुगतान करने के लिए कहा गया। मामले में उपलब्ध दस्तावेजों की वास्तविकता, संस्था के पंजीकरण की स्थिति और भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
महेंद्र का कहना है कि उन्होंने भरोसे में आकर भुगतान किया, लेकिन शादी की प्रक्रिया पूरी होने के बजाय लगातार नए खर्च सामने आते गए। अब वह पूरे मामले की जांच और अपनी रकम वापस दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, संजीव कुमार अथवा संबंधित आश्रम प्रबंधन का पक्ष इस मामले में सामने नहीं आया है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




