डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने ऐसा संकेत दिया है कि तमालनाडु में टीवीके की सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल शुरू हो गई है।
तमिलनाडु में इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में एक्टर से राजनेता बने जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम यानी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन किया और कुछ अन्य दलों के साथ मिलकर राज्य में गठबंधन की सरकार बनाई। इसके साथ ही तमिलनाडु में डीएमके पार्टी सत्ता से बाहर हो गई। सरकार के गठन के दौरान टीवीके और अन्य पार्टियों के बीच हुई लंबी बातचीत और प्रक्रिया के बाद जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, टीवीके गठबंधन की सरकार बनने के कुछ ही समय बाद डीएमके पार्टी के प्रमुख एमके स्टालिन ने दावा कर दिया है कि जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार लंबे समय तक नहीं चल पाएगी।
क्या बोले एमके स्टालिन?
PTI के मुताबिक, डीएमके पार्टी के प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बड़ा संकेत दिया है। स्टालिन ने इशारा किया है कि सीएम जोसेफ विजय की टीवीके गठबंधन की सरकार अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी। पूर्व सीएम स्टालिन ने कहा है कि टीवीके की सरकार उन पार्टियों के समर्थन से चल रही है जो कि हाल में हुए चुनाव तक डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थे। स्टालिन ने ये बयान चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान दिया जहां कई अन्य दलों के कार्यकर्ता डीएमके में शामिल हुए हैं।
टीवीके के पास जनमत का अभाव- स्टालिन
एमके स्टालिन ने दावा किया है कि टीवीके के पास में स्वतंत्र तौर पर सरकार चलाने के लिए जनमत का पूरी तरह से अभाव है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पार्टी ने राज्य में 118 सीटों के जरूरी बहुमत को हासिल नहीं किया है। स्टालिन ने आगे कहा- “आइए हम असलियत को देखते हैं। वर्तमान सत्ताधारी पार्टी ने चुनाव में अपने दम पर एक स्थिर सरकार बनाने के लिए बहुमत हासिल नहीं किया था। जनता ने असल में डीएमके को सरकार बनाने के लिए वोट दिया था। यह सरकार केवल कुछ राजनीतिक पार्टियों के रणनीतिक गठबंधन और समर्थन के कारण है जो कुछ ही समय पहले तक हमारे गठबंधन का हिस्सा थे। यह टीवीके नाम की गाड़ी बस किसी तरह आगे बढ़ पा रही है।”
क्या है तमिलनाडु में सरकार का समीकरण?
आपको बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके को 108 सीटें मिली थीं। वहीं, डीएमके ने 59 और AIADMK ने 47 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा कांग्रेस और कई अन्य दलों को 20 सीटें हासिल हुई थी। चुनाव के दौरान कांग्रेस, डीएमके गठबंधन का हिस्सा थी लेकिन चुनाव का रिजल्ट आने के बाद उसने टीवीके को समर्थन दे दिया




