Wednesday, June 17, 2026
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मंदिर मत जाओ, अल्लाह सारे गुनाह माफ कर देंगे’, नासिक TCS कांड पीड़िता बोली- दानिश और निदा ने PAK मौलवियों के वीडियो दिखाए

नासिक टीसीएस केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मुख्य पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि उसे मानसिक तनाव कम करने के बहाने उसे जाकिर नाइक के वीडियो देखने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही उससे कहा गया कि भगवान के भजन सुनना बंद कर दो और मंदिर जाना भी छोड़ दो।
महाराष्ट्र के नासिक में TCS से जुड़े यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की चार्जशीट में नए और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चार्जशीट के मुताबिक आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ितों को निशाना बनाया। मुख्य पीड़िता को आरोपी दानिश तौसीफ और निदा खान ने पाकिस्तानी इस्लामिक मौलवी तारिक जमील और जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए थे। पुलिस स्टेशन में दर्ज चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता से यह भी कहा कि वह भजन सुनना और मंदिर जाना बंद कर दे। अल्लाह उसके सारे गुनाह माफ कर देंगे।
जितना ज्यादा अल्लाह का नाम लोगी, तुम्हारे नेक काम बढ़ेंगे’
इसी संदर्भ में उसने बताया, “जितना अधिक तुम अल्लाह का नाम लोगी, तुम्हारे गुनाह माफ होंगे और तुम्हारे नेक काम बढ़ेंगे। अगर तुम अस्तग़फ़ार पढ़ोगी, यानी अल्लाह से माफी मांगोगी तो तुम्हारा मानसिक तनाव भी कम होगा।” इसके लिए उसने मुझे तारिक जमील के वीडियो देखने और उनके भाषण सुनने के लिए कहा। उसने यह भी कहा कि यदि मुझे किसी और सहायता की आवश्यकता हो तो तौसीफ और निदा खान मेरी पूरी मदद करेंगे। डर के कारण मैंने दानिश की बात माननी शुरू कर दी।

‘तौसीफ और निदा मुझे इस्लाम धर्म के बारे में बताते रहते थे’
आगे उसने बताया, ”दानिश ने मेरे SBI और HDFC बैंक खातों की पूरी जानकारी मुझसे ले ली थी। उसे मेरे मोबाइल के बैंक यूपीआई पिन और बैंक में मौजूद रकम की भी जानकारी थी। दानिश ने तौसीफ और निदा को मुझे इस्लाम धर्म की जानकारी देने के लिए कहा था। इसलिए तौसीफ और निदा समय-समय पर मुझे इस्लाम धर्म के बारे में बताते रहते थे।”

‘यू-ट्यूब पर पाकिस्तानी मौलवी के वीडियो देखने को कहा’
पीड़िता बोली- तौसीफ ने मुझसे कहा कि मैं अपने मोबाइल पर यूट्यूब में जाकिर नाइक और डॉ. इसरार अहमद के वीडियो खोजकर सुनूं और मैंने उसके कहने पर ऐसा किया। उसने मुझे हिंदू धर्म की पुस्तकें जैसे- वेद आदि पढ़ने के लिए भी कहा और बताया कि उन्हें पढ़ने के बाद यदि मैं इस्लाम का अध्ययन करूंगी, तो मुझे इस्लाम धर्म अवश्य पसंद आएगा। इसके अलावा दानिश और तौसीफ मुझे हमेशा इस्लाम से जुड़ी कहानियां सुनाते थे, जैसे सबा की कहानी, इब्राहिम की कहानी, बकरीद की कहानी, ज़मज़म के पानी का महत्व, कुर्बानी क्यों दी जाती है, कयामत के दिन क्या होगा, जन्नत की खूबसूरती कैसी है और जहन्नुम में क्या होता है आदि। मुझे यह विश्वास दिलाया गया कि यदि मैं इस्लाम धर्म स्वीकार कर लूं तो मेरा मानसिक तनाव कम हो जाएगा। धीरे-धीरे मैं इन बातों पर विश्वास करने लगी।

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