कानपुर में गैंगस्टर अजय ठाकुर की गिरफ्तारी और फिर रिहाई चर्चा का विषय बन गई है। अजय ने बाहर आते ही सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली, जो कुछ वक्त में वायरल हो गई।
महंत पर हमले के चर्चित मामले में करीब दो महीने तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहने वाला गैंगस्टर अजय ठाकुर गिरफ्तार तो हुआ, लेकिन उसकी गिरफ्तारी ज्यादा देर तक प्रभावी नहीं रह सकी। कानपुर की रावतपुर थाने की पुलिस ने शनिवार को अजय ठाकुर को गिरफ्तार किया, जबकि अगले ही दिन रविवार सुबह वह जमानत पर रिहा हो गया। पुलिस की ओर से शांतिभंग की धाराओं में की गई कार्रवाई के बाद आरोपी को कोर्ट से तत्काल राहत मिल गई। इसके बाद बाहर आते ही अजय ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक और रील डाली, जिसमें उसने अपने फैन्स के आभार जताया। देखते ही देखते ये रील भी वायरल हो गई और इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्रवाई और उसकी रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसके साथ ही इस मामले में पुलिस की किरकिरी भी हो रही है।
ये था पूरा मामला
मामला कानपुर के केशवपुरम स्थित त्रिलोकीधाम आश्रम से जुड़ा है। आश्रम के महंत रविकांत शुक्ला उर्फ भोला गिरी ने 29 अप्रैल को रावतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बर्रा क्षेत्र का रहने वाला हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर अजय ठाकुर अपनी महिला मित्र से मिलने अक्सर आश्रम के पास आता था। जब महंत ने इसका विरोध किया तो अजय ठाकुर अपने साथियों के साथ आश्रम पहुंचा और कथित रूप से उनके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।
अजय ठाकुर, उसकी महिला दोस्त और मां समेत 7 लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा
इस मामले में पुलिस ने अजय ठाकुर, उसकी महिला मित्र, उसकी मां, ईशू यादव समेत सात लोगों के खिलाफ बलवा, घर में घुसकर मारपीट, चोट पहुंचाने और धमकी देने जैसी विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद पुलिस ने अजय ठाकुर की भाजपा का झंडा लगी थार एसयूवी सहित चार दोपहिया वाहन भी जब्त किए थे। इस दौरान पुलिस के द्वारा मामले में सह-आरोपी ईशू यादव को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, जबकि अजय ठाकुर लगातार फरार चल रहा था।
फरारी के दौरान पुलिस की नाक के नीचे डालता रहा रील
फरारी के दौरान भी अजय ठाकुर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहा। उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक के बाद एक कई वीडियो और रील पोस्ट कीं, जिनमें वह लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ घूमता, बड़े चौराहे स्थित जेड स्क्वायर मॉल के बाहर कार के बोनट और छत पर खड़े होकर स्टंट करता और सिगरेट पीते हुए नजर आया। इन वायरल वीडियो के बाद पुलिस पर उसकी गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ गया था।
12 घंटे भी नहीं भुगती सजा, बाहर आया फिर डाली रील
आखिरकार शनिवार को रावतपुर पुलिस ने रतनलाल नगर स्थित एक धुलाई सेंटर के पास से अजय ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की। रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई और वह करीब 12 घंटे के भीतर ही रिहा हो गया। बाहर आते ही अजय ठाकुर के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक और रील वायरल हुई लिखा था बॉस इज बैक।
पुलिस अब कर रही लीपापोती
अब इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। एक ओर पुलिस फरार गैंगस्टर को पकड़ने को बड़ी सफलता बता रही है, वहीं दूसरी ओर गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद आरोपी के बाहर आने से कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महंत पर हमले से जुड़े मूल मुकदमे की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




