अमेरिकी राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पीएम मोदी की दिल खोलकर तारीफ की है और उन्हें अपना अच्छा दोस्त बताया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होगी। भारत की कॉमर्स मिनिस्ट्री की तरफ से भी बताया गया कि ट्रेड बातचीत में सहयोग और प्रैक्टिकल सोच की भावना थी, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी फायदे वाले एग्रीमेंट को पूरा करने के अपने कमिटमेंट को फिर से पक्का किया। इससे बाइलैट्रल ट्रेड और आर्थिक रिश्तों को मजबूती मिलेगी।
फरवरी में फाइनल हुआ था ट्रेड डील का फ्रेमवर्क
7 फरवरी को ट्रंप और मोदी के बीच फोन पर बातचीत के बाद, भारत और अमेरिका ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया जिसमें बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट या एक अंतरिम ट्रेड डील के पहले फेज की रूपरेखा या फ्रेमवर्क को फाइनल किया गया। उस फ्रेमवर्क के मुताबिक, अमेरिका भारत पर टैरिफ को 50 परसेंट से घटाकर 18 परसेंट करने पर सहमत हो गया था। उसने रूसी तेल खरीदने पर भारतीय सामान पर 25 परसेंट टैरिफ हटा दिया था और समझौते के तहत बाकी 25 परसेंट को घटाकर 18 परसेंट करना था।
कोर्ट ने रेसिप्रोकल टैरिफ के खिलाफ सुनाया था फैसला
20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के बड़े रेसिप्रोकल टैरिफ के खिलाफ फैसला सुनाया। यह 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत लगाए गए थे। इसके बाद, अमेरिकी प्रेसिडेंट ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 परसेंट टैरिफ लगाने का ऐलान किया। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर और उसके बाद के डेवलपमेंट के बाद भारत और अमेरिका ट्रेड डील पर फिर से बातचीत कर रहे हैं।




