बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार ने लागू की थी। हालांकि, लंबे समय तक यह योजना ठंडे बस्ते में पड़ी रही और बेहद कम लोगों ने अपने घरों को होम स्टे में बदला था। हालांकि, सरकार इसे नए सिरे से लागू करना चाहती थी। अब इसे बंद करने का फैसला लिया गया है।
क्या है ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम?
‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम के तहत दिल्ली में रहने वाले लोगों को अपने घर में ही लोगों को किराए पर कमरा देने का विकल्प मिलता है। ऐसे में लोगों को अच्छे घर कम कीमत पर मिल जाते हैं। हालांकि, कोई भी व्यक्ति अपने घर को बीएनबी तभी बना सकता था, जब उसने सरकार से विभिन्न तरह की अनुमति ली हों। बीएनबी में लोग अपने घर का एक या ज्यादा कमरे अन्य लोगों को किराए पर दे सकते हैं।
2007 में शुरू हुई थी स्कीम
‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम साल 2007 में शुरू हुई थी। इस समय दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी और शीला दीक्षित राज्य की मुख्यमंत्री थीं। हालांकि, उस समय यह स्कीम ज्यादा सार्थक नहीं रही। आने वाले दिनों में भी स्कीम लंबे समय तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही। अरविंद केजरीवाल की सरकार ने इस योजना पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। दिल्ली में रेखा गुप्ता की सरकार बनने के बाद इस योजना को नए सिरे से लागू करने की कोशिश शुरू हुई। साल 2023 तक इस योजना के तहत 432 घरों में 2,200 से अधिक कमरे पंजीकृत थे।




