जुलाई के आखिर में ईरानी ठिकानों पर मिसाइलें दागने के बाद से, अमेरिका ईरान पर बातचीत के लिए दबाव बनाने के मकसद से लगातार प्रतिबंधों का सहारा ले रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर तनाव बढ़ता हुआ दिख रहा है। दुनिया के प्रमुख एनर्जी सप्लाई रूट में तनाव बढ़ने की वजह से सोमवार को एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से सप्लाई-रिस्क प्रीमियम में इजाफा हो गया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है।
अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को बनाया निशाना
अजय केडिया के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया है जो समुद्री रास्तों में माइंस बिछाने की तैयारी कर रहे थे। एक महीने से ज्यादा समय में ये इस तरह का पहला हमला था। अमेरिकी सेना ने कहा कि वे होर्मुज पर कड़ी नजर रख रहे हैं और कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। तनाव बढ़ने के बावजूद, वॉशिंगटन-तेहरान शांति समझौते के बिना भी रोजाना लगभग 6 से 8 मिलियन बैरल कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजर रहा है।
कतर के साथ बातचीत कर रहा है ईरान
जुलाई के आखिर में ईरानी ठिकानों पर मिसाइलें दागने के बाद से, अमेरिका ईरान पर बातचीत के लिए दबाव बनाने के मकसद से लगातार प्रतिबंधों का सहारा ले रहा है। इस बीच, ईरान के एक अधिकारी ने कहा कि कतर के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंध फिर से शुरू करना “नामुमकिन नहीं” है, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद भी बनी हुई है।
90 डॉलर के पार पहुंची Brent Crude की कीमतें
oilprice.com के मुताबिक, सोमवार को भारतीय समयानुसार लगभग 11.30 बजे WTI Crude की कीमतें 2.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 85.61 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही थी। इसके अलावा, Brent Crude का भाव 2.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 90.56 डॉलर प्रति बैरल पर था और Murban Crude का दाम भी 4.04 प्रतिशत की तेज बढ़त लेकर 95.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से आज घरेलू शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी जा रही है।




