श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई सीरीज के पहले मैच में भारत ए ने श्रीलंका ए को हरा दिया है। इस मैच में रुतुराज गायकवाड ने शानदार सेंचुरी लगाई। जो पहले टीम के स्क्वाड में ही शामिल नहीं किए गए थे।
बीसीसीआई से एक बड़ी चूक हो गई थी, लेकिन इसके बाद फैसला बदला गया और जिस खिलाड़ी को पहले स्क्वाड में ही जगह नहीं मिली थी, उसी ने शतक ठोककर अपनी टीम को जीत दिला दी। जी हां, बात हो रही है ट्राई सीरीज की, जो इस वक्त श्रीलंक में खेली जा रही है। भारतीय ए और श्रीलंका ए के बीच पहला मुकाबला काफी रोचक रहा। रुतुराज गायकवाड ने इस मैच में शतक ठोका और टीम जीत दर्ज करने में कायमाब रहे। आपको जानकर हैरानी होगी कि गायकवाड पहले टीम में नहीं थे, बाद में उन्हें शामिल किया गया।
रियान पराग की जगह रुतुराज गायकवाड को मिली टीम में जगह
श्रीलंका में इस वक्त त्रिकोणीय वनडे सीरीज खेली जा रही है। इसमें भारत और श्रीलंका के अलाव तीसरी टीम अफगानिस्तान की है। जब इस सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान बीसीसीआई ने किया था, तब तिलक वर्मा को कप्तान और रियान पराग को उपकप्तान बनाने का फैसला किया गया था। लेकिन सीरीज के आगाज से पहले ही रियान पराग हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण इससे बाहर हो गए और इसके बाद रुतुराज गायकवाड को शामिल किया गया। जो खिलाड़ी टीम में ही नहीं था, उसकी अचानक वापसी कराई गई और उपकप्तान की जिम्मेदारी भी दे दी गई।
रुतुराज गायकवाड ने ठोका शानदार शतक, तिलक वर्मा की अर्धशतकीय पारी
जब भारतीय ए टीम श्रीलंका ए खिलाफ खेलने उतरी तो ना तो वैभव सूर्यवंशी का बल्ला चला और ना ही दूसरे ओपनर प्रभसिमरन सिंह ही कुछ कर पाए। नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए उतरे रुतुराज गायकवाड ने शानदार बल्लेबाजी का मुजायरा पेश किया। गायकवाड ने इस मैच में 114 बॉल पर 101 रनों की शानदार पारी खेली। इसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल रहे। यही वजह थी कि भारतीय टीम 50 ओवर में छह विकेट पर 277 रन बनाने में कामयाब रही। जब रुतुराज गायकवाड बल्लेबाजी के लिए उतरे, तब भारतीय टीम 16 रन पर दो विकेट गवां कर संघर्ष कर रही थी। गायकवाड और तिलक वर्मा ने टीम को संकट से निकाला। कप्तान तिलक वर्मा ने भी 97 पर 60 रन की पारी खेली। इस दौरान दो चौके और एक छक्का उनके बल्ले से आया।




