वैशाली में विवाह के बाद पत्नी के मायके में रहने का मामला, पति का आरोप बिना किसी विवाद के भी नहीं लौट रही पत्नी
वैशाली, बिहार। जिले में शादी के बाद पत्नी के लंबे समय तक मायके में रहने और ससुराल वापस नहीं आने का मामला सामने आया है। 21 वर्षीय कलवीर कुमार का कहना है कि उनकी शादी करीब एक साल पहले 18 वर्षीय मुस्कान के साथ पूरे रीति रिवाज के साथ हुई थी। शादी के बाद मुस्कान करीब चार से छह महीने तक ससुराल में रही, लेकिन इसके बाद वह मायके चली गई और अब वापस ससुराल आने को तैयार नहीं है।
कलवीर कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी के मायके जाने के बाद से वह लगातार वहीं रह रही हैं। पति का कहना है कि उन्होंने पत्नी को हमेशा अच्छे से रखा और उनकी ओर से कभी दहेज की मांग या किसी तरह का विवाद नहीं किया गया। इसके बावजूद मुस्कान के परिजन उसे ससुराल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं।
परिजनों के मुताबिक मुस्कान के माता पिता का कहना है कि वह अभी पढ़ाई करेगी और उसे ससुराल नहीं भेजा जाएगा। इसी बात को लेकर कलवीर और उनके परिवार में काफी नाराजगी और दुख है। परिवार का कहना है कि यदि विवाह सामाजिक और पारिवारिक रीति रिवाज से हुआ है तो पति पत्नी को साथ रहने का अवसर मिलना चाहिए और किसी भी विवाद की स्थिति में दोनों परिवारों को बैठकर समाधान निकालना चाहिए।
कलवीर का कहना है कि वह अपनी पत्नी को वापस घर लाने के लिए कई बार प्रयास कर चुके हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि दोनों परिवार आमने सामने बैठकर पूरे मामले पर बातचीत करें और यदि कोई शिकायत या समस्या है तो उसका समाधान निकाला जाए।
वहीं इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर शादी के बाद पति पत्नी के बीच ऐसी दूरी क्यों बनी हुई है। क्या मुस्कान स्वयं ससुराल नहीं जाना चाहतीं या उनके मायके वालों की कोई दूसरी वजह है। इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना अभी बाकी है।
हालांकि मामले में पत्नी और उसके मायके पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए उनके पक्ष को जाने बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यदि दोनों पक्षों के बीच विवाद है तो प्रशासन और परिवार के जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में निष्पक्ष बातचीत कराकर मामले का समाधान निकालने की जरूरत है।
कलवीर कुमार और उनके परिवार ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि दोनों पक्षों की बात सुनी जाए और वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। परिवार का कहना है कि वे विवाद नहीं चाहते, बल्कि चाहते हैं कि मामले का उचित और शांतिपूर्ण समाधान निकले।




