चमोली ज़िले की उरगम घाटी में स्थित पंच केदार तीर्थों में से एक कल्पेश्वर महादेव मंदिर के पास ज़बरदस्त भूस्खलन हुआ है। लगातार बारिश के बाद मंदिर के पीछे से भारी मात्रा में मलबा नीचे आया और मंदिर परिसर के अंदर जमा हो गया।
जोशीमठः चमोली में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पंच केदारों में पांचवें केदार के रूप में प्रसिद्ध कल्पेश्वर महादेव मंदिर के ऊपर भूस्खलन होने से मंदिर परिसर में भारी मात्रा में मलबा आ गया। देर रात हुई तेज बारिश के कारण मंदिर के ऊपर की पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हुआ, जिससे मंदिर के आसपास के क्षेत्र में नुकसान हुआ है।
मलबा और पत्थर मंदिर परिसर में पहुंचे
भूस्खलन के चलते पहाड़ी से मलबा और पत्थर मंदिर परिसर के आसपास आ गिरे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और मंदिर परिसर में जमा मलबे को हटाने तथा स्थिति को सामान्य करने में जुट गए।
लगातार हो रही बारिश के कारण चमोली जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन और अन्य नुकसान की घटनाएं सामने आ रही हैं। कल्पेश्वर महादेव मंदिर में हुए भूस्खलन से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ी का तत्काल निरीक्षण कराने तथा सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने की मांग की है।
टनल में मलबा घुसने से 8 लोगों की हुई थी मौत
इससे पहले अभी हाल में चमोली जिले में बीते गुरुवार को निर्माणाधीन पनबिजली सुरंग के अंदर ज़बरदस्त भूस्खलन के कारण अचानक पानी और मलबा घुस गया। इससे आठ मजदूरों की मौत हो गई थी। सेना, NDRF (K9 यूनिट के साथ), SDRF, CISF, ITBP और स्थानीय पुलिस के 200 से ज़्यादा जवानों ने राहत और बचाव कार्य चलाया। बचाव दल ने कई मजदूरों को बचाया भी था।
राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी
जानकारी के मुताबिक, सुरंग हादसे में दो लापता श्रमिकों की तलाश के लिए बचाव एवं राहत अभियान मंगलवार को भी जारी है। एसडीआरएफ ने बताया कि सुरंग के भीतर काफी दलदल होने के बावजूद तलाश अभियान जारी है और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच सभी टीम आपसी समन्वय से अभियान को आगे बढ़ा रही हैं। उसने बताया कि सुरंग से पानी को लगातार बाहर निकाला जा रहा है और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों के माध्यम से सभी संभावित स्थानों पर गहनता से खोजबीन की जा रही है। हादसे के दौरान सुरंग के भीतर फंसी पांच जेसीबी मशीनों में से अब तक तीन को बाहर निकाला गया है जिससे लापता श्रमिकों की खोजबीन के कार्य में तेजी आई है।




