Friday, June 12, 2026
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भारतीय आम के आयात पर कोई रोक नहीं, लेकिन नेपाल ने चुपचाप बना दिए नए नियम

नेपाल के कृषि मंत्रालय ने कहा कि उसने भारत से आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। कुछ नियमों के तहत मांग के आधार पर नेपाल के बाजारों में इन फलों के प्रवेश की अनुमति दी गई है।
नेपाल ने एक ताजा बयान जारी करते हुए कहा कि भारतीय आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और मांग के अनुरूप तथा कुछ नियमों को ध्यान में रखते हुए नेपाल के बाजारों में फलों के प्रवेश की अनुमति दी गई है। ये स्पष्टीकरण उन खबरों के कुछ दिन बाद सामने आया है, जिनमें नेपाल के अधिकारियों ने कहा था कि सरकार ने बहुत ज्यादा कीटनाशक वाले भारतीय आमों के आयात को सीमित कर दिया है और सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर मधेश प्रांत में ‘क्वारंटीन’ सुविधाओं की कमी के कारण ये कदम उठाया गया है।
नेपाल के कृषि मंत्रालय ने बुधवार को जारी किया था बयान
कृषि, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि भारत से आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं है। मंत्रालय के अधीन ‘प्लांट क्वारंटीन एंड पेस्टिसाइड मैनेजमेंट सेंटर’ ने कहा कि अलग-अलग मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारतीय आमों पर प्रतिबंध की खबरें आने के बाद इस मामले पर ध्यान गया। मंत्रालय ने कहा कि उसने भारत से आमों के आयात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। कुछ नियमों के तहत मांग के आधार पर नेपाल के बाजारों में इन फलों के प्रवेश की अनुमति दी गई है।

मधेश प्रांत में रोक दी गई थी भारतीय आमों की खेप
बताते चलें कि कुछ दिन पहले मधेश प्रांत के भिट्टामोड़ ‘क्वारंटीन’ जांच चौकी पर भारत से आए आमों की एक बड़ी खेप को फलों में हानिकारक कीटों की आशंका के कारण रोक दिया गया था। मधेश प्रांत के भूमि प्रबंधन, कृषि एवं सहकारिता मंत्रालय के प्रवक्ता मनीष कुमार पाल ने बताया कि हालांकि, भारतीय प्राधिकरणों द्वारा ‘प्लांट हेल्थ सर्टिफिकेट’ जारी किए जाने के बाद अब उस खेप को छोड़ दिया गया है।

नेपाल के व्यापारी संघों ने नेपाल के कदम पर जाहिर की थी चिंता
समाचार पत्र ‘द राइजिंग नेपाल’ के अनुसार, मधेश प्रांत के जनकपुरधाम में फल और सब्जी व्यापारियों के संघ के महासचिव भुवनेश्वर पुरबे ने पहले कहा था कि भारतीय आम के आयात को रोकने से घरेलू बाजारों में आम की कमी हो सकती है। उन्होंने सरकार को सलाह दी थी कि वे ‘क्वारंटीन’ सिस्टम को मजबूत करें और पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय उचित गुणवत्ता जांच के बाद भारतीय फलों को नेपाल के बाजारों में प्रवेश की अनुमति दें।

नेपाल के नए नियमों में क्या है
नेपाल के प्लांट प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन ने 10 जून को जारी किए गए अपने एक बयान में कहा कि भारतीय आमों का आयात पहले की तरह ही जारी है। ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि भारत से आने वाली आम की खेपों को पौध स्वास्थ्य नियमों का पालन करना होगा। इसके तहत, नेपाल के आम आयातकों को भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले वैध फाइटोसैनिटरी सर्टिफिकेट दिखाना होगा। नेपाल द्वारा आयात के नए नियमों में हॉट वॉटर ट्रीटमेंट नियम काफी महत्वपूर्ण है।

क्या होता है हॉट वॉटर ट्रीटमेंट
हॉट वॉटर ट्रीटमेंट ने तहत आमों को निर्यात से पहले गर्म पानी से ट्रीट किया जाता है, ताकि आम में मौजूद कीटों, केमिकल और संबंधित रोगों को रोका जा सके। भारत सरकार ने नेपाल द्वारा बनाए गए नए नियमों को लेकर चिंता जताई है। भारत का कहना है कि नेपाल ने नए नियम बनाने से पहले उनके साथ किसी तरह की कोई चर्चा नहीं की। भारत ने नेपाल के इस रवैये को WTO में उठाया है।

भारत सरकार ने भी बुधवार को जारी किया था बयान
भारत सरकार ने भी नेपाल में आम के आयात पर रोक लगाए जाने से जुड़ी कुछ मीडिया रिपोर्ट को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक’ बताते हुए बुधवार को बयान जारी किया था। इसके साथ ही सरकार ने कहा था कि नेपाल को होने वाला भारतीय आमों का निर्यात बिना किसी बाधा के लगातार जारी है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा कि नेपाल के प्लांट क्वारंटीन और कीटनाशक प्रबंधन केंद्र ने खुद ही 10 जून को ये स्पष्ट किया कि भारतीय आमों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

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