दही या छाछ गट हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह हमारे भारतीय घरों का सबसे बेस्ट और आसानी से मिलने वाला प्रोबायोटिक है। दही और छाछ में लैक्टोबेसिलस नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है, जो पेट के खराब बैक्टीरिया से लड़ता है और डाइजेशन को बेहतर बनाता है।
केला न सिर्फ पचाने में आसान होता है, बल्कि यह पेट की सूजन को भी कम करता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो गुड बैक्टीरिया को बढ़ने में मदद करता है।
लहसुन और प्याज भी पेट के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। लहसुन और प्याज में इनुलिन नाम का फाइबर होता है, जो पेट के गुड बैक्टीरिया के लिए ईंधन की तरह काम करता है। इसके अलावा, लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं जो पेट के बैड बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है।
कहते हैं “An apple a day keeps the doctor away”, और यह बात गट हेल्थ पर बिल्कुल सटीक बैठती है। सेब में पेक्टिन नाम का एक सॉल्युबल फाइबर होता है। यह फाइबर पेट में जाकर प्रीबायोटिक की तरह काम करता है।
साबुत अनाज जैसे ओट्स और दलिया में बीटा-ग्लुकन नामक खास फाइबर पाया जाता है। यह फाइबर पेट में जाकर एक जेल जैसा बना लेता है, जो डाइजेशन को धीमा और बेहतर करता है।




