मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा और इसकी तैयारियां भी जोरों पर हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने अपने-अपने कैंडिडेट्स के नाम घोषित कर दिए हैं।
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर दो उम्मीदवारों की घोषणा के बाद रविवार को तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी। पार्टी ने इस तीसरी सीट पर कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ राज्य के मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही तीसरी सीट पर जीत के लिए दोनों दलों में मुकाबला होना सुनिश्चित है। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा से पहले भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी नेताओं ने एक बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इसी बैठक में तीसरे उम्मीदवार के रूप में केवट को मैदान में उतारने की सहमति बनी, जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने इसे हरी झंडी दिखाई।
आज नामांकर दाखिल करेंगी मीनाक्षी
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने रविवार रात तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट के नाम की घोषणा की। इससे पहले शनिवार को भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। कांग्रेस की ओर से राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन सोमवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। एक दिन पहले शनिवार को भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने एकजुटता का दावा करते हुए नटराजन को जीत का दंभ भरा था। वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में प्रभावी वोटों की संख्या 228 है। इसमें भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट ना होने और उनका झुकाव भाजपा की तरफ होने तथा विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक जैसी तकनीकी वजहों से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट गया है।
58 वोटों की जरूरत
राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी भाजपा को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। कांग्रेस के पास जीत के लिए आवश्यक आंकड़े हैं लेकिन भाजपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार की घोषणा से उसकी चिंता बढ़ा दी है और नटराजन की जीत की राह मुश्किल कर दी है। मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा।




