भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दौरान कोर्ट से जेल तक हाई-प्रोफाइल ड्रामा देखने को मिला. कोर्ट रूम में गिरिबाला सिंह ने सख्त तेवर दिखाते हुए खुद बहस की और CBI पर गंभीर आरोप लगाए. न्यायिक हिरासत का आदेश होते ही वह मीडिया की मौजूदगी पर अड़ गईं और कोर्ट परिसर छोड़ने से इनकार कर दिया. हालांकि, आखिरकार CBI अधिकारियों के सख्त रुख के बाद उन्हें जेल ले जाया गया. पूरे घटनाक्रम ने इस हाई-प्रोफाइल केस को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है.
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
भोपाल की विशेष CBI कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. कोर्ट ने दोनों को 16 जून 2026 तक न्यायिक अभिरक्षा में रखने के आदेश दिए हैं.
HC से बेल खारिज होने के बाद गिरफ्तारी
मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत खारिज किए जाने के बाद CBI ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए CBI रिमांड पर रखा गया, जिसकी अवधि पूरी होने पर कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया.
कोर्ट में खुद बहस करने उतरीं गिरिबाला
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह के तेवर काफी तल्ख नजर आए. उन्होंने खुद अदालत के सामने अपनी बात रखते हुए CBI पर कई आरोप लगाए और मीडिया ट्रायल को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया.
मीडिया पर आपत्ति, कोर्ट से बाहर जाने से किया इनकार
जैसे ही कोर्ट ने न्यायिक हिरासत का आदेश सुनाया, गिरिबाला सिंह ने मीडिया की मौजूदगी पर आपत्ति जताई. उन्होंने साफ कहा कि जब तक कोर्ट परिसर से मीडिया को नहीं हटाया जाएगा, वह बाहर नहीं जाएंगी. इसके चलते कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए स्थिति असामान्य हो गई.
CBI का सख्त रुख, बढ़ाया गया सुरक्षा घेरा
स्थिति को देखते हुए CBI और स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा बल बढ़ा दिया. इसके बावजूद गिरिबाला लंबे समय तक कोर्ट से बाहर जाने को तैयार नहीं हुईं और करीब 40 मिनट तक गतिरोध की स्थिति बनी रही.




