रणवीर सिंह के खिलाफ FWICE ने नॉन कॉपरेशन डायरेटिव दिए थे, जिसे बैन के रूप में देखा जा रहा था। काफी आलोचनाओं के बाद अब FWICE ने इसे हटा दिया है। इसे रणवीर सिंह की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
25 मई 2026 को FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ एक असहयोग आंदोलन शुरू किया था। ये फैसला फरहान अख्तर की शिकायत के बाद किया गया था। फरहान ने दावा किया था कि रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ छोड़ने की वजह से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। फिल्म मेकर्स को उनके साथ काम न करने की सलाह दी गई थी, लेकिन अब FWICE ने अपना फैसला बदल लिया है और नया पक्ष सामने रखा है जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि रणवीर सिंह के खिलाफ शुरू किए गए असहयोग आंदोलन को वापस लिया जा रहा है। यह मामला अन्य निर्माता संगठनों के साथ चर्चा में है। FWICE ने इसी कड़ी में आगे कहा कि हम रणवीर सिंह से पूरे सम्मान के साथ अपील करते हैं कि वे इस समस्या का समाधान निकालने में सहयोग करें। साथ ही फेडरेशन रणवीर सिंह के लीगल नोटिस का जवाब कानून के दायरे में देगी।
क्या है FWICE का कहना?
जारी किए गए बयान में FWICE ने इंडस्ट्री में मेलजोल और एकता के लिए रणवीर सिंह के खिलाफ असहयोग निर्देश वापस लेने की घोषणा की है। जारी किए गए बयान में लिखा गया है, ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज दशकों से भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री से जुड़े कामगारों, टेक्नीशियनों, कलाकारों और कई स्टेकहोल्डर्स के सबसे प्रमुख और सम्मानित प्रतिनिधि निकायों में से एक रहा है। FWICE ने लगातार उन अनगिनत लोगों के हितों, गरिमा, कल्याण और अधिकारों की रक्षा के लिए काम किया है, जो फिल्म और टेलीविजन जगत की रीढ़ हैं। एक संगठन के तौर पर FWICE हमेशा इंडस्ट्री में अनुशासन, निष्पक्षता और सामूहिक भलाई बनाए रखने के लिए तत्पर रहा है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि उसके सदस्यों की बात सुनी जाए और उनका सम्मान हो।’




