सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट के खिलाफ भारतीय कुश्ती महासंघ की याचिका को खारिज कर दिया, इसे निष्प्रभावी बताते हुए हाई कोर्ट के निष्कर्षों को दोहराने से इनकार किया.
सुप्रीम कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट के खिलाफ भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि बाद के घटनाक्रमों को देखते हुए, यह याचिका निष्प्रभावी हो जाती है. इस अदालत को हाई कोर्ट के निष्कर्षों और टिप्पणियों को दोहराने का दायित्व नहीं है.
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और फोगाट को ट्रायल में भाग लेने की इजाजत दी थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा आदेश पारित करने के तरीके पर चिंता व्यक्त की थी. न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने फोगाट को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था.
हालांकि, विनेश फोगाट एशियाई खेलों के ट्रायल के सेमीफाइनल में हार गईं. महिला 53 किलोग्राम भार वर्ग के मुकाबले में युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत ने विनेश फोगाट को 6-4 से हरा दिया. इस हार के साथ ही फोगाट का 2026 एशियाई खेलों में जगह बनाने का सपना चकनाचूर हो गया.
हाई कोर्ट ने क्या दिया था आदेश?
22 मई को दिल्ली हाई कोर्ट ने एशियन गेम्स के आने वाले ट्रायल में फोगट के हिस्सा लेने को मंजूरी देते हुए कहा था कि डब्ल्यूएफआई की चयन नीति में उनके जैसी आइकॉनिक खिलाड़ी पर विचार करने का अधिकार नहीं है, जो मातृत्व अवकाश से लौट रही हैं. हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि 30-31 मई को होने वाले चयन ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग डब्ल्यूएफआई करेगी और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) का एक-एक इंडिपेंडेंट ऑब्जर्वर भी मौजूद रहेगा. हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट को नोटिस भेजने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को भी कड़ी फटकार लगाई थी.




