प्रधानाचार्य पर प्रताड़ना और हत्या कर शव लटकाने का आरोप, परिवार बोला गरीब होने के कारण नहीं हो रही सुनवाई
जट्टारी। गांधी स्मारक इंटर कॉलेज बझेड़ा भरतपुर में शुक्रवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारी 23 वर्षीय आदेश कुमार का शव कॉलेज के एक कमरे में फंदे पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने कॉलेज के प्रधानाचार्य सतीश कुमार समेत कुछ अज्ञात लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आदेश को पहले प्रताड़ित किया जा रहा था और बाद में उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
घटना के बाद आक्रोशित परिजन आदेश का शव कॉलेज के मुख्य गेट पर लेकर पहुंचे और करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
2023 से कॉलेज में कर रहा था आउटसोर्सिंग पर नौकरी
थाना पिसावा क्षेत्र के नगला कृपा ए उर्फ कृपालगढ़ी निवासी सोनवीर सिंह ने थाना टप्पल में दी गई तहरीर में बताया कि उनका बेटा आदेश कुमार वर्ष 2023 से गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में आउटसोर्सिंग पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। परिवार का आरोप है कि कॉलेज के प्रधानाचार्य सतीश कुमार द्वारा आदेश को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिजनों का कहना है कि आदेश ने कई बार अपने परिवार के सदस्यों को कॉलेज में हो रही परेशानी के बारे में बताया था। परिवार का आरोप है कि शुक्रवार को प्रधानाचार्य और अन्य लोगों ने मिलकर आदेश की हत्या कर दी और इसके बाद शव को विद्यालय के बंद कमरे में फंदे पर लटका दिया गया।
हालांकि हत्या के इन आरोपों की अभी पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
आवाज देने पर नहीं मिला जवाब, कमरे में तलाशा तो फंदे पर मिला शव
परिजनों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के चलते शुक्रवार को कॉलेज में छुट्टी निर्धारित समय से पहले कर दी गई थी। स्टाफ की बैठक एक कमरे में चल रही थी, जबकि संविदा कर्मचारी दूसरे कमरे में बैठे थे। इसी दौरान अन्य कर्मचारियों ने आदेश को घर चलने के लिए आवाज दी, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
काफी देर तक जवाब नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने कॉलेज के कमरों में उसकी तलाश शुरू की। कक्ष संख्या चार में पहुंचने पर आदेश कुमार पंखे के पास फंदे से लटका मिला। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कॉलेज में ताला लगाने का भी लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद विद्यालय में ताला लगा दिया गया और स्टाफ तथा अन्य लोग मौके से चले गए। परिवार का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियों ने कई सवाल खड़े किए हैं। इसी वजह से उन्होंने मामले को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।
घटना के बाद परिवार और ग्रामीण कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। शव को गेट पर रखकर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया गया। परिजन लगातार मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे।
गरीब परिवार बोला, हर जगह आवेदन दिया लेकिन नहीं मिली मदद
पीड़ित परिवार का कहना है कि आदेश की मौत के बाद से वे लगातार न्याय के लिए अधिकारियों और संबंधित विभागों के कार्यालयों में आवेदन दे रहे हैं। परिवार का दावा है कि उन्होंने कई जगह शिकायतें दीं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
परिजनों का आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि वे गरीब हैं और प्रभावशाली लोगों के सामने अपनी आवाज मजबूती से नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में विधिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे अपने बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच और न्याय के लिए लड़ सकें।
परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि उनके आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए, घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट को निष्पक्ष तरीके से देखा जाए और यदि हत्या के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
डीआईओएस डॉ. पूरन सिंह ने कहा कि कर्मचारी का शव कॉलेज में फंदे पर लटका मिला है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आदेश कुमार की मौत के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस जांच का विषय है। परिवार द्वारा लगाए गए हत्या और प्रताड़ना के आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
अल्ट्रासाउंड सेंटर मामले में चिकित्सक समेत दो पर रिपोर्ट
इसी मामले से अलग स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अल्ट्रासाउंड सेंटर प्रकरण में सीएचसी की संविदा चिकित्सक डॉ. निधि गुप्ता सक्सैना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके जैन के अनुसार 10 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेंटर पर छापा मारा था।
जांच के दौरान सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए काफी महिलाएं मौजूद मिलीं। टीम को एक गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड ऐसी महिला द्वारा करते हुए मिला, जिसके पास संबंधित डिग्री नहीं होने की बात सामने आई। पूछताछ के दौरान महिला ने अपना नाम भी नहीं बताया।
जांच टीम को दो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मिलीं। इनमें एक रिपोर्ट पर डॉ. आर. यादव के हस्ताक्षर बताए गए, जबकि दूसरी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं थे। चिकित्सक की ओर से वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात भी सामने आई। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के अनुसार आईजीआरएस शिकायत के आधार पर मामले में कार्रवाई की गई है।




