Saturday, September 19, 2026
spot_img

Latest Posts

पाकिस्तान के मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के संस्थापक के लंदन स्थित घर में घुसे 2 नकाबपोश, हत्या की कोशिश का दावा

पाकिस्तान की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट यानी MQM के संस्थापक अल्ताफ हुसैन के लंदन में 2 नकाबपोश लोगों के घुसने का दावा किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि उनकी हत्या की साजिश रची गई।
पाकिस्तान की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट यानी MQM के संस्थापक हैं अल्ताफ हुसैन
1980 और 1990 के दशक में MQM का कराची की राजनीति और संगठनात्मक ढांचे पर काफी प्रभाव रहा
दिसंबर 1991 में कथित हत्या की कोशिश के बाद अल्ताफ हुसैन पाकिस्तान छोड़कर ब्रिटेन चले गए
लंदन: पाकिस्तान की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट यानी MQM के संस्थापक अल्ताफ हुसैन से जुड़ी बड़ी खबर है। लंदन में MQM संस्थापक अल्ताफ हुसैन के घर में 2 नकाबपोश लोगों के घुसने की कोशिश का दावा किया गया है।
MQM की ओर से CCTV फुटेज जारी कर कहा गया है कि दो नकाबपोश लोगों ने अल्ताफ हुसैन के लंदन स्थित घर में घुसने की कोशिश की। पार्टी ने इस घटना को हत्या की कोशिश बताया है।

MQM नेता मुस्तफा अजीजाबादी ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
MQM नेता मुस्तफा अजीजाबादी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि हमलावर ट्रेंड थे और यह हमला अल्ताफ हुसैन की हत्या की कोशिश हो सकता है। उन्होंने कहा कि अल्ताफ हुसैन की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन सरकार को मामले का संज्ञान लेना चाहिए और उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए।

CCTV फुटेज जारी करने का दावा
MQM की ओर से साझा किए गए CCTV फुटेज में कथित तौर पर दो नकाबपोश लोग घर में प्रवेश करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी का दावा है कि इस घटना के दौरान अल्ताफ हुसैन को कोई नुकसान नहीं हुआ और उनकी जान अल्लाह की रहमत और लोगों की दुआओं से बची।
कौन हैं अल्ताफ हुसैन?
अल्ताफ हुसैन पाकिस्तान की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट यानी MQM के संस्थापक हैं। उनके माता-पिता विभाजन के बाद भारत से पाकिस्तान चले गए थे। अल्ताफ हुसैन का बचपन कराची के अजीजाबाद इलाके में बीता। उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी से फार्मेसी की पढ़ाई की और 1979 में बैचलर ऑफ फार्मेसी की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले उन्होंने अस्पताल और फार्मास्यूटिकल सेक्टर में काम किया था।

1978 में रखी राजनीतिक संगठन की नींव
अल्ताफ हुसैन ने 11 जून 1978 को कराची यूनिवर्सिटी में ऑल पाकिस्तान मोहाजिर स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (APMSO) की स्थापना की। संगठन का मुख्य मुद्दा मोहाजिर छात्रों के राजनीतिक और शैक्षणिक अधिकार थे। बाद में यही संगठन MQM के लिए आधार बना।

1984 में बनी MQM
1984 में APMSO से मोहाजिर कौमी मूवमेंट (MQM) का गठन हुआ और अल्ताफ हुसैन इसके प्रमुख नेताओं में शामिल हुए। इसके बाद पार्टी ने कराची और हैदराबाद में तेजी से अपना राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया।

1988 के आम चुनाव में MQM शहरी सिंध की एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और बाद में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार के साथ राजनीतिक समझौता भी किया।

कराची की राजनीति में बढ़ता प्रभाव
1980 और 1990 के दशक में MQM का कराची की राजनीति और संगठनात्मक ढांचे पर काफी प्रभाव रहा। इसी दौरान कराची में जातीय और राजनीतिक हिंसा भी बढ़ी और कई राजनीतिक एवं सशस्त्र संगठनों के बीच संघर्ष हुआ।

MQM के शुरुआती दौर में पाकिस्तान के सैन्य और खुफिया प्रतिष्ठान के साथ उसके संबंधों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। कुछ विश्लेषकों और पूर्व अधिकारियों ने दावा किया कि शुरुआत में सैन्य प्रतिष्ठान MQM को सिंध की दूसरी राजनीतिक ताकतों के मुकाबले एक उपयोगी ताकत के तौर पर देखता था। MQM और उसके समर्थकों ने इस तरह के दावों के कई पहलुओं को खारिज किया है।

1991 में पाकिस्तान छोड़ा
दिसंबर 1991 में कथित हत्या की कोशिश के बाद अल्ताफ हुसैन पाकिस्तान छोड़कर ब्रिटेन चले गए और वहां राजनीतिक शरण मांगी।

इसके बाद 19 जून 1992 को पाकिस्तान सरकार ने कराची में MQM के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई कराची और MQM के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है।

अल्ताफ हुसैन ब्रिटेन में रहने लगे, लेकिन लंबे समय तक लंदन से ही पाकिस्तान में MQM की गतिविधियों और संगठन से जुड़े नेताओं से फोन और दूसरे माध्यमों से संपर्क करते रहे।

अल्ताफ हुसैन की विरासत विवादों में
करीब तीन दशकों तक लंदन में रहते हुए भी अल्ताफ हुसैन का कराची की राजनीति पर बड़ा प्रभाव रहा। उनके समर्थक उन्हें कराची के मोहाजिर समुदाय का प्रमुख राजनीतिक नेता मानते रहे हैं।

वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों और उनके विरोधियों ने MQM तथा उससे जुड़े समूहों पर टारगेट किलिंग, जबरन वसूली, हिंसा और अन्य आपराधिक गतिविधियों के आरोप लगाए। अल्ताफ हुसैन और MQM ने अलग-अलग आरोपों से इनकार किया है।

अब लंदन स्थित उनके घर में कथित घुसपैठ की घटना ने एक बार फिर अल्ताफ हुसैन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इससे पहले पाकिस्तान इसलिए चर्चा में था क्योंकि पाकिस्तान में कोहाट की मस्जिद में धमाका हुआ था और कई लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में पुलिसकर्मी भी शामिल थे।

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.