भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज के तीन मैच हो चुके हैं और इंग्लैंड की टीम इसमें से दो मैच अपने नाम कर चुकी है। सीरीज के दो मैच बाकी हैं, यानी टीम इंडिया के पास से सीरीज जीत का मौका चला गया है।
भारतीय क्रिकेट टीम का इंग्लैंड में जाकर टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज जीतने का सपना अब टूट चुका है। अब तो हाल ये हो गया है कि टीम इंडिया को इस बात का भी खतरा है कि कहीं इस सीरीज में सूपड़ा साफ ना हो जाए। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में भी ऐसा नहीं हुआ है कि जब भारतीय टीम ने इंग्लैंड जाकर दो से अधिक टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज खेली हो और उसमें एक भी मैच ना जीत पाई हो। अब नई टीम इंडिया उसी मुहाने पर जाकर खड़ी हो गई हो।
साल 2011 में इंग्लैंड में खेली गई थी भारत बनाम इंग्लैंड टी20 की पहली सीरीज
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में टीम इंडिया ने इससे पहले चार बार टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा किया है। साल 2011 में जब पहली सीरीज हुई तो उसमें केवल एक ही मैच खेला गया। तब टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद साल 2014 में फिर से भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर पहुंची, इस बार भी एक ही मैच खेला गया और इसे इंग्लैंड ने अपने नाम किया था। इसके बाद साल 2018 में भारत और इंग्लैंड के बीच पहली बार तीन मैचों की सीरीज खेली गई थी। तब इसे भारत ने 2.1 से जीत लिया था। इसके बाद साल 2022 में जब इंग्लैंड जाकर टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज खेली तो उसमें भी भारतीय टीम ने जीत दर्ज की थी। यानी अब तक जब भी दो से अधिक मैचों की सीरीज खेली गई है, टीम इंडिया जीत करके ही वापस आई। श्रेयस की कप्तानी में टीम इंडिया का बेड़ा गर्क हो गया है।
अब टीम इंडिया नहीं जीत पाएगी इंग्लैंड से सीरीज
पहली बार ऐसा हो रहा है, जब भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज अंग्रेजों की सरजमीं पर खेली जा रही है। इसके पहले तीन में से दो मैच टीम इंडिया हार चुकी है। एक मैच का रिजल्ट नहीं आया है। यानी इसका मतलब साफ है कि सीरीज जीत का जो सिलसिला साल 2018 से चला आ रहा था, वो अब थम जाएगा। बचे हुए दो मैच अगर भारत जीत भी जाएगा तो सीरीज बराबरी पर समाप्त होगी, जीत का कोई चांस नहीं है।
बचे हुए दो मैचों में एक भी जीत मिल जाए तो बड़ी बात
भले ही इस तरह की उम्मीद लगा ली जाए कि सीरीज बराबरी पर समाप्त हो सकती है, अगर टीम दो बचे हुए मैच जीत जाए, लेकिन ऐसा होता हुआ फिलहाल तो नजर नहीं आता। अभी तक जो दो मैच पूरे हुए हैं, उसमें भारतीय टीम अंग्रेजों की तुलना में काफी कमतर साबित हुई है। ऐसे में अब देखना केवल इतना है कि कहीं भारतीय टीम का सूपड़ा ही साफ ना हो जाए। अगर ऐसा हुआ तो ये भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।




