नागौर जिले के खींवसर थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती शोभादेवी के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि 17 अगस्त की दोपहर उनकी बेटी घर के लिए हरा चारा काट रही थी। इसी दौरान पेमाराम नाम का युवक बाइक से घर के सामने पहुंचा और बेटी को सड़क पर बुलाकर अपने साथ ले गया। परिजनों ने पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराकर बेटी को जल्द से जल्द तलाशने और सुरक्षित घर वापस लाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक बेटी के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार खींवसर थाने में Missing Person Registration No. 0029/2026 दर्ज किया गया है। दस्तावेज में गुमशुदगी की तारीख 17 अगस्त 2026 और समय करीब दोपहर 12:30 बजे दर्ज है। GD No. 041 में उसी दिन शाम 7:28 बजे की प्रविष्टि दर्ज होने का उल्लेख है।
चारा काट रही थी बेटी, तभी बाइक लेकर पहुंचा युवक
परिवार की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक मूलाराम, उम्र करीब 40 वर्ष, निवासी ईश्वरनावड़ा थाना खींवसर ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी शोभादेवी 17 अगस्त को घर के लिए हरा चारा काट रही थी। करीब 12:30 बजे पेमाराम पुत्र हडमानराम बाइक लेकर उनके घर के सामने सड़क पर आया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पेमाराम ने उनकी बेटी को सड़क पर बुलाया और बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद से परिवार लगातार बेटी की तलाश में जुटा है।
परिवार बोला- बेटी का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं
परिवार ने बताया कि उनकी बेटी पिछले करीब दो वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के लिए इलाज करा रही है। परिजनों के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं रहती और इसी वजह से उसके अचानक लापता होने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
परिवार का कहना है कि बेटी की स्थिति को देखते हुए उसे सुरक्षित तरीके से जल्द तलाशना बेहद जरूरी है। परिजनों को आशंका है कि वह अपनी स्थिति के कारण किसी परेशानी में फंस सकती है या किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा कर सकती है।
यह स्वास्थ्य संबंधी जानकारी परिवार द्वारा बताई गई है। इसकी स्वतंत्र चिकित्सकीय पुष्टि उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं हुई है।
पेमाराम पर गंभीर आरोप
शिकायत में परिवार ने पेमाराम को कथित तौर पर नशे का आदी और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि बेटी उसके साथ सुरक्षित स्थिति में नहीं हो सकती। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
परिवार ने पुलिस से मांग की है कि पेमाराम की भूमिका की जांच की जाए और युवती को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच एएसआई को सौंपी
पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज विवरण के अनुसार, शिकायतकर्ता के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले को गुमशुदा व्यक्ति के रूप में दर्ज किया। दस्तावेज के मुताबिक जांच एएसआई प्रकाश को सौंपी गई है।
रिकॉर्ड में युवती की पहचान के लिए उसका हुलिया और कपड़ों का विवरण भी दर्ज किया गया है। दस्तावेज के अनुसार उसकी जन्मतिथि 14 जुलाई 2007 है। वह करीब पांच फीट लंबी और मध्यम कद-काठी की बताई गई है। घटना के समय उसने सलवार सूट और पायजामा पहन रखा था। पैरों में चप्पल और गले में चांदी की पतड़ी होने का भी उल्लेख है।
रिपोर्ट के बाद भी बेटी का पता नहीं चलने का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी उन्हें बेटी के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल रही है। परिवार का आरोप है कि वे लगातार पुलिस से संपर्क कर रहे हैं और बेटी की तलाश के लिए गंभीर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि बेटी की मानसिक स्थिति को देखते हुए हर गुजरता दिन उनके लिए चिंता बढ़ा रहा है। परिवार चाहता है कि पुलिस संभावित स्थानों पर तलाश करने के साथ उसके साथ गए बताए जा रहे युवक से भी पूछताछ करे और मोबाइल फोन तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाए।
परिवार की अपील- बेटी को सुरक्षित घर वापस लाया जाए
परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेने और युवती की जल्द से जल्द बरामदगी कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता बेटी की सुरक्षा है और जब तक वह सुरक्षित घर नहीं लौटती, उनकी परेशानी खत्म नहीं होगी।
मामले में युवती की बरामदगी के बाद उसका बयान और परिस्थितियां सामने आने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह किस स्थिति में घर से गई और उसके साथ क्या हुआ। फिलहाल पुलिस रिकॉर्ड में मामला गुमशुदगी के रूप में दर्ज है और जांच जारी है।




