इटावा। गुजरात के कच्छ-भुज में तैनात एक फौजी पिता ने अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटियों के लापता होने को लेकर उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और शासन से मदद की गुहार लगाई है। इटावा निवासी मदनलाल का कहना है कि उनकी पत्नी गीता पाल उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल हैं और दोनों बेटियां रिद्धि पाल तथा सिद्धि पाल उनके साथ रहती थीं। पिता के मुताबिक लंबे समय से पत्नी से फोन पर संपर्क कभी हो पाता था तो कभी नहीं, जबकि पिछले कई महीनों से दोनों बेटियों से भी उनकी बात नहीं हो सकी है। अब पिता को अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है।
मदनलाल द्वारा अधिकारियों को दिए गए अलग-अलग प्रार्थना पत्रों में बताया गया है कि वह वर्ष 2010 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में गुजरात के कच्छ-भुज में तैनात हैं। उनकी शादी वर्ष 2014 में गीता पाल के साथ हुई थी। गीता पाल वर्ष 2011 बैच में उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुई थीं। मदनलाल का कहना है कि कुछ समय पहले पत्नी फोन पर अपनी तैनाती कानपुर में 112 सेवा में होने की बात बताती थीं, जबकि बाद में उन्हें उनकी तैनाती लखनऊ में होने की जानकारी मिली। इसी वजह से वह पत्नी के वर्तमान तैनाती स्थल और बेटियों के बारे में स्पष्ट जानकारी चाहते हैं।
पिता के अनुसार पिछले करीब एक वर्ष से पत्नी का व्यवहार भी बदल गया था। कभी फोन उठता था और कभी संपर्क नहीं हो पाता था। मदनलाल का कहना है कि नवंबर 2025 में ड्यूटी पर लौटने के बाद वह पत्नी और बेटियों से नियमित संपर्क बनाए रखने की कोशिश करते रहे, लेकिन धीरे-धीरे दोनों बेटियों से बातचीत बंद हो गई। छुट्टी नहीं मिलने के कारण वह खुद इटावा नहीं पहुंच सके। इसके बाद उन्होंने अपने भाई को इटावा स्थित मकान पर जाकर जानकारी लेने के लिए कहा।
मदनलाल के मुताबिक उनके भाई ने जब इटावा स्थित मकान पर जाकर देखा तो वहां ताला लगा मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर अलग-अलग जानकारी मिली। परिवार को बताया गया कि पत्नी दोनों बच्चियों के साथ कहीं गई हैं। बाद में मकान किराये पर दिए जाने की बात भी सामने आई। जब अप्रैल 2026 में मदनलाल छुट्टी लेकर इटावा पहुंचे तो उन्होंने मकान पर ताला लगा देखा। इसके बाद वहां मौजूद एक व्यक्ति द्वारा मकान का ताला खोलने और खुद को मकान का मालिक बताने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायत में मदनलाल ने आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति ने उन्हें मकान से बाहर जाने के लिए कहा और बताया कि उसने यह मकान उनकी पत्नी गीता पाल से खरीदा है। मदनलाल का कहना है कि जब उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के बारे में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उन्हें बेहद परेशान करने वाला जवाब दिया गया। इस घटना के बाद उन्हें आशंका हुई कि उनकी पत्नी और दोनों बेटियों के साथ कहीं कोई अनहोनी तो नहीं हुई।
मदनलाल का यह भी कहना है कि उन्होंने अपनी वर्षों की जमा पूंजी से इटावा में जमीन खरीदी थी और उस पर करीब 30 लाख रुपये खर्च कर मकान बनवाया था। कुछ दस्तावेजों में मकान पत्नी गीता पाल के नाम होने का उल्लेख है। वहीं हालिया शिकायत में पीड़ित पक्ष की ओर से मकान को करीब एक करोड़ रुपये में बेच दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि मकान की बिक्री, उसके स्वामित्व और कथित रकम से संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
पीड़ित पिता ने अपनी शिकायतों में पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने और उन पर तलाक के लिए दबाव बनाने की आशंका भी जताई है। हालांकि इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, मदनलाल की सबसे बड़ी चिंता अपनी दोनों नाबालिग बेटियों को लेकर है। उनका कहना है कि उन्हें यह तक जानकारी नहीं है कि बेटियां इस समय कहां हैं और सुरक्षित हैं या नहीं।
मदनलाल ने मुख्यमंत्री, एडीजी 112, पुलिस अधिकारियों और इटावा के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्रों में बेटियों और पत्नी का पता लगाने तथा मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने 100 नंबर, 112 और संबंधित पुलिस अधिकारियों के स्तर पर भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अभी तक अपनी बेटियों के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
शिकायत में मदनलाल ने यह भी बताया है कि उन्होंने दिसंबर 2025 में लखनऊ स्थित 112 मुख्यालय में भी आवेदन देने की कोशिश की थी। उनका आरोप है कि कई अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उनकी समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। अब उन्होंने शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए बेटियों का पता लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
मदनलाल का कहना है कि वह देश की सेवा में तैनात हैं और ड्यूटी के कारण परिवार से दूर रहते हैं। ऐसे में जब उन्हें अपनी ही बेटियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है तो उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि पत्नी की वर्तमान तैनाती, दोनों बेटियों के वर्तमान ठिकाने और इटावा स्थित मकान से जुड़े पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
इस पूरे प्रकरण में शिकायतों में अलग-अलग तारीखों, बेटियों की उम्र और घटनाक्रम को लेकर कुछ विवरण अलग-अलग दर्ज हैं। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच, दस्तावेजों, तैनाती संबंधी रिकॉर्ड, मकान की बिक्री या हस्तांतरण के कागजात और दोनों बच्चियों के सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पिता की मांग है कि मामले को केवल पारिवारिक विवाद मानकर नजरअंदाज न किया जाए और दोनों नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनका पता लगाया जाए।
मदनलाल ने प्रशासन से अपील की है कि समय रहते उनकी दोनों बेटियों से संपर्क कराया जाए और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। एक फौजी पिता की यह गुहार अब पुलिस और प्रशासन की जांच पर टिकी है कि आखिर दोनों बच्चियां इस समय कहां हैं और उनके संबंध में वास्तविक स्थिति क्या है।




